कुछ अति महत्वपूर्ण संविधान संशोधन

भारतीय संविधान में अबतक 125 संशोधन के बिल प्रस्तुत किये गए है.. परन्तु जुलाई २०१८ तक १०१ संशोधन ही हुए है .. सबसे ताज़ा संशोधन १०१वां है जो जी एस टी  से सम्बंधित है. कुछ अति महत्वपूर्ण संविधान संशोधन के बारे में प्रस्तुत है —

Ammendment Number Year Description
1 1951 मौलिक अधिकारों में समानता, स्वतंत्रता तथा संपत्ति के अधिकार को सीमित कर दिया  गया.
2 1952 लोक सभा चुनाव के लिए प्रतिनिधित्व के अनुपात को पुन: समायोजित.
7 1956 लोक सभा एवं राज्य सभा में सीटों का   पुनर्वितरण.   राज्यों का पुनर्गठन-14 राज्य तथा 6 केन्द्रशासित प्रदेश.    संघ राज्य क्षेत्र का प्रावधान किया गया
10 1961 दादर तथा नगर हवेली को भारत का अंग बना .
12 1962 गोवा, दमन एवं दीव को भारत का अंग बना.
13 1962 कुछ विशेष उपबंधों के साथ नागालैंड को नया राज्य बनाया गया.
14 1962 पुदुचेरी को भारत का अंग बनाया गया.
21 1967 सिन्धी भाषा को आठवीं अनुसूची में सम्मलित किया गया.
22 1969 मेघालय को नया राज्य बनाया गया.
26 1971 भूतपूर्व देशी राज्यों के शासकों की विशेष उपाधियों एवं उनके प्रिवी-पर्स को समाप्त कर दिया गया.
31 1973 इसके द्वारा लोक सभा के सदस्यों की संख्या  525 से 545 कर दी गयी तथा केन्द्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व 25 से घटाकर 20 कर दिया गया.
36 1975 सिक्किम को भारत का 22वां राज्य बनाया गया.
39 1975 राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं लोकसभा अध्यक्षके निर्वाचन संबंधी विवादों को न्यायिक पुनर्विचार से मुक्त रखा गया.संविधान की प्रस्तावना में पंथनिरपेक्ष,  समाजवादी तथा अखंडता जैसे शब्द जोड़े गए. नीति निदेशक सिद्धांतों को मौलिक अधिकारों  पर वरीयता दी गयी. संविधान में अनुच्छेद 51(क) के अंतर्गत 10 मौलिक कर्तव्य जोड़े गए. राष्ट्रपति को मंत्रिमंडल की सलाह को मानना  अनिवार्य कर दिया गया.लोक सभा एवं विधानसभाओं की अवधि को   5 साल से बढाकर 6 साल कर दिया गया (At the time of emergency).
42 1976 नीति निदेशक सिद्धांतों को मौलिक अधिकारों  पर वरीयता दी गयी.
44 1978 राष्ट्रीय आपात की उद्घोषणा ‘आंतरिक  अशांति’ के आधार पर नही की जा सकती, बल्कि सशस्त्र विद्रोह के कारण की जा सकेगी.संपत्ति के मूल अधिकार को विधिक अधिकार में परिवर्तित कर दिया गया.लोक सभा तथा विधान सभाओं की अवधि को 6 साल से घटाकर 5 साल कर दिया गया, व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को शक्तिशाली बनाया गया.
52 1985 संविधान में दसवीं अनुसूची को जोड़कर दल-बदल को रोकने के लिए कानून बनाया गया.
61 1989 मतदान करने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष से   घटाकर 18 वर्ष की गयी
71 1992 कोंकणी, मणिपुरी तथा नेपाली भाषाओँ को 8वी अनुसूची में शामिल किया गया.
73 1993 पंचायती राज संबंधी प्रावधान किये गए.11वीं अनुसूची जोड़ी गयी.
74 1993 12वीं अनुसूची जोड़ी गयी तथा नगरपालिकाओं    के गठन संबंधी प्रावधान किये गये.
86 2002 संविधान में अनुच्छेद-21(क), 45 तथा 51(क)(ज्ञ) जोड़ा गया.राज्य द्वारा 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को  निशुल्क: और अनिवार्य सेवा का प्रावधान किया गया.
87 2003 परिसीमन में जनसँख्या का आधार 1991 की जनगणना के स्थान पर 2001 कर दिया गया.
91 2003 दल-बदल व्यवस्था में संशोधन किया गया. अब केवल सम्पूर्ण दल के विलय को मान्यता है.केंद्र तथा राज्यों में मंत्रिपरिषद की संख्या क्रमश: लोक सभा तथा विधान सभा की सदस्य संख्या 15% से अधिक नहीं होगी.
92 2003 डोगरी, मैथिली, बोडो और संथाली भाषाओँ को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया.
94 2006 अनुसूचित जनजातियों के कल्याण के लिए एक मंत्री का प्रावधान मध्य प्रदेश एवं ओडिशा के साथ-साथ छत्तीसगढ़ एवं झारखंड में भी किया गया.
96 2011 ‘उड़िया’ भाषा का ‘ओडिया’ में परिवर्तन किया   गया.
97 2011 इस संशोधन के द्वारा सहकारी समितियों को एक संवैधानिक स्थान एवं संरक्षण प्रदान किया गया.
98 2012 संविधान में अनुच्छेद 371(J) शामिल किया गया. इसका उद्देश्य कर्नाटक के राज्यपाल को हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र के विकास हेतु कदम उठाने के लिए सशक्त करना था.
99 2013 यह अधिनियम प्रस्तावित राष्ट्रीय न्यायिकनियुक्ति आयोग (N.J.A.C) की संरचना एवं कामकाज हेतु संविधान की विभिन्न अनुच्छेद 124(2),127(1), 128, 217(1) व (2) तथा 224(क) में संशोधन किया गया.
100 2014 इस विधेयक का उद्देश्य भारत एवं बांग्लादेश के मध्य 41 वर्ष पुराने भू-सीमा समझौता L.B.A 1974 को प्रभाव में लाना है.
101 2016 वस्तु एवं सेवा कर (G.S.T) से सम्बंधित है.

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