गृह मंत्री का विशेष अभियान पदक

केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में ‘गृह मंत्री का विशेष अभियान पदक’ स्थापित करने को मंजूरी दे दी है

इसके अलावा तीन अन्य पदक-आंतरिक सुरक्षा पदक, असाधारण आसूचन पदक तथा उत्कृष्ट एवं अति-उत्कृष्ट सेवा पदक भी प्रदान करने की स्वीकृति दी है.

मुख्य तथ्य:

असाधारण साहस का परिचय देने वाले पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलकर्मियों को अब ‘गृह मंत्री का विशेष अभियान पदक’ तथा तीन अन्य पदकों से भी सम्मानित किया जाएगा.
गृह मंत्री के विशेष अभियान पदक के लिए राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस अधिकारी, केन्द्रीय पुलिस संगठनों (सीपीओ), केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) तथा विशेष अभियान में शामिल सुरक्षा संगठन के अधिकारी पात्र होंगे.
ये सभी पदक हर साल प्रदान किए जाएंगे. गृह मंत्री का विशेष संचालन पदक तथा असाधारण आसूचन पदक स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर प्रदान किया जाएगा जबकि आंतरिक सुरक्षा पदक तथा उत्कृष्ट एवं अति-उत्कृष्ट सेवा पदक गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर घोषित किया जाएगा.
असाधारण आसूचन पदक केन्द्र सरकार के गुप्तचर संगठन के अधिकारियों, राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के गुप्तचर अधिकारियों, सीपीओ, सीएपीएफ, असम राइफल्स (एआर) तथा राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के अधिकारियों को उनके असाधारण उत्साह और गुप्तचर सूचनाएं प्राप्त करने में कुशलता के लिए दिया जाएगा.
इसी तरह से आंतरिक सुरक्षा पदक राज्यों तथा केन्द्रशासित प्रदेशों के पुलिस कर्मियों, सीपीओ, सीएपीएफ, सुरक्षा संगठन कर्मियों को जम्मू-कश्मीर, माओवाद से प्रभावित क्षेत्रों तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में कार्यरत पुलिसकर्मियों को हर दो साल के कार्यकाल के आधार पर दिया जाएगा.
उत्कृष्ट तथा अति-उत्कृष्ट सेवा पदक सीएपीएफ, राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेश के पुलिस बलों, सीपीओ, एआर,एनएसजी, होम गार्ड तथा केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और सीएपीएफ के स्थायी पुलिस कर्मियों को 15 और 25 वर्षों की सेवा के आधार पर दिया जाएगा.
कोई सीमा/कोटा नहीं:

गृह मंत्री का विशेष संचालन पदक, आंतरिक सुरक्षा पदक और असाधारण आसूचन पदक देने के लिए कोई सीमा/कोटा नहीं होगा. लेकिन क्रमशः उत्कृष्ट तथा अति-उत्कृष्ट सेवा पदक के लिए पात्रता शर्तों के साथ रैंक के अनुसार (कांस्टेबल/एचसी/एएसआई/ एसआई /इंस्पेक्टर/ डिप्टी एसपी/एसपी और उससे ऊपर) स्वीकृत संख्या बल के एक प्रतिशत तथा 0.5 प्रतिशत की सीमा होगी.

निष्ठाहीनता का दोषी पाए जाने या बल के सम्मान को ठेस पहुंचाने पर धारक से पदक वापस ले लिया जाएगा.

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