ब्लू मून/blue moon, ब्लड मून/blood moon, सुपर मून/super moon ,पूर्ण चन्द्रग्रहण

पृथ्वी सूर्य चंद्रमा का एक सीध में होना सिज़िगी कहलाता है, पूर्णिमा तिथि के दिन पृथ्वी की छायाँ चंद्रमा पर पड़ना चंद्रग्रहण कहलाता है, चंद्र ग्रहण की स्थिति में पृथ्वी और सूर्य के मध्य एक रेखा पर यदि चंद्रमा यदि तीनों लगभग एक ही रेखा पर आते हैं,तो उसे पूर्ण चंद्रग्रहण कहते है। 1982 के बाद 31 जनवरी 2018 को पुनः ऐसा संयोग आया कि ब्लू,ब्लड,सुपर मून की स्थितियां एक साथ बनी। समझते हैं कि इन शब्दों का तात्पर्य क्या हैं-

१.ब्लू मून: सामान्यतः दो पूर्णिमा के बीच 29 दिन का फर्क होता है, ऐसे में एक ही माह में दो पूर्णिमा होना दुर्लभ है, लेकिन ऐसा होने की स्थिति को ही ब्लू मून कहते हैं। 2 जनवरी को पूर्णिमा थी,और 31 जनवरी को पुनः पूर्णिमा होना, इस घटना को ब्लू मून कहते हैं, याद रहे कि इस नीले रंग से कोई सम्बन्ध नहीं हैं।😊

२.ब्लड मून : चंद्रग्रहण के दौरान जब चंद्रमा, सूर्य की रोशनी से दूर तथा पृथ्वी की छाया में होता है, तो ऐसे में इसका रंग लाल हो जाता है। पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान यह गहरा लाल होता है। क्योंकि पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान सूर्य की कुछ किरणें पृथ्वी के वायुमंडल में पसरे धूल कणों के माध्यम से अपवर्तित होती हैं और चन्द्रमा हल्की भूरी लाल चमक ले लेता है, इस कारण इसे ‘ब्लड मून’ कहते हैं।

३.सुपर मून: चंद्रमा का अपने सामान्य आकार से अधिक बड़ा दिखाई देना ‘सुपर मून’ कहलाता है। इस दौरान चंद्रमा धरती के सबसे नजदीक स्थिति में होता है। चन्द्रमा की इस नजदीक स्थिति को’ परोजी’ कहते हैं। इस दिन चन्द्रमा सामान्य से बड़े आकार का दृष्टिगत होता हैं। इसलिए इसे सुपर मून कहते है

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