रामगंगा नदी , सोन नदी , सरयू या घाघरा नदी

रामगंगा नदी
रामगंगा नदी भारत की प्रमुख तथा पवित्र नदियों में से एक हैं!स्कंदपुराण के मानसखण्ड में इसका उल्लेख रथवाहिनी के नाम से हुआ है!उत्तराखण्ड के हिमालयी पर्वत अल्मोड़ा जिले के दूनागिरी के विभिन्न प्राकृतिक जलस्त्रोत निकलकर कई गधेरों के रूप में तड़ागताल पहुँचते हैं!इस झील का कोई मुहाना नहीं है!चन्द कदमों की दुरी के उपरान्त स्वच्छ स्वेत धवल सी भूगर्भ से निकलती है और इसी अस्तित्व में प्रकट होकर रामगंगा का उद्गम होता है!इस नदी की लम्बाई 188किलोमीटर है!
रामगंगा नदी पर कालागढ़ नामक स्थान पर एक बाँध बनाया गया है!यह नदी अल्मोड़ा,नैनीताल,मुरादाबाद,बरेली,बदायूँ,शाहजहाँपुर,फर्रूखाबाद,हरदोई जिलों से होकर गुजरती है!रामगंगा 154किलोमीटर की पहाड़ी यात्रा करके कालागढ़ जिले के निकट बिजनौर जिले के मैदानों में उतरती है तथा 24किलोमीटर की मैदानी भागों की यात्रा करने के उपरान्त इसमें कोह नदी आकर मिलती है अन्ततःमैदानी यात्रा करने के पश्चात कन्नौज के निकट गंगा नदी की सहायक नदी के रूप में गंगा नदी में मिल जाती है!

सोन नदी
गंगा नदी की सहायक नदियों में सोन का प्रमुख स्थान है!यह नदी मध्यप्रदेश के अमरकंटक नामक पहाड़ से निकलकर 350 मील की चक्कर काटती हुई पटना से पश्चिम गंगा में मिलती है!इस नदी का पानी मीठा,निर्मल और स्वास्थ्यवर्धक होता है!इसके तटों पर अनेक प्राकृतिक दृश्य बड़े मनोरम है इन नदी मे डिहरी आन सोन पर बाँध बाँधकर 296मील लम्बी नहर निकाली गई है!जिसके जल से शाहाबाद,गया,और पटना जिलों के लगभग सात लाख एकड़ भूमि पर सिंचाई होती है!यह बाँध 1874 में तैयार हो गया था!
दुसरा पुल पटना और आरा के बीच कोइलवर नामक स्थान पर है!कोइलवर पुल रेल-सह-सड़क पुल है!ऊपर रेलगाडियाँऔर नीचे बस मोटर और बैलगाडियाँ चलती है!इसी नदी पर एक तीसरा पुल भी ग्रैंड ट्रक रोड पर बनाया गया है!
यह बिहार की एक प्रमुख नदी है!इस नदी का नाम सोन पड़ा क्योंकि इस नदी के बालू पीले रंग के है जो सोने कि तरह चमकते है!इस नदी के रेत भवन निर्माण आदि के लिए उपयोग में लाया जाता है तथा यह रेत उत्तरप्रदेश के कुछ शहरों में भी निर्यात किया जाता है!

सरयू या घाघरा नदी
अपने ऊपर भाग में जहाँ इसे काली नदी के नाम से जाना जाता है,यह काफी दूरी तक उत्तराखण्ड और नेपाल के बीच सीमा बनाती है!
सरयू नदी की प्रमुख सहायक नदी राप्ती है जो इसमें उत्तरप्रदेश के देवरिया जिले के बरहज नामक स्थान पर मिलती है!इस क्षेत्र का प्रमुख नगर गोरखपुर इसी राप्ती नदी के पट पर स्थित है!
सरयू नदी को इसके ऊपरी हिस्से में काली नदी के नाम से जाना जाता है,जब यह उत्तराखण्ड में बहती है!मैदान में उतरने के पश्चात इसमें घाघरा नदी आकर मिलती है और इसका नाम सरयू हो जाता है!सरयू नदी पर उत्तराखण्ड में टनकपुर के पास बाँध बनाकर शारदा नहर निकाली गई है!यह भारत की सर्वाधिक बड़ी नहर प्रणालियों में से एक है!यह नदी बिहार के पास आरा और छपरा के पास गंगा में मिल जाती है!
सरयू नदी के किनारे बहराइच,सीतापुर,गोंडा,फैजाबाद,अयोध्या,दोहरीपुर,बलिया आदि शहर स्थित है!

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