गंगा नदी : बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली

भारत की सबसे महत्वपूर्ण व पवित्र मानी जाने वाली गंगा नदी इसकी उपासना माँ तथा देवी के रूप में की जाती है तथा इसकी उपासना माँ तथा देवी के रूप में की जाती है. गंगा नदी सामाजिक ,साहित्यिक,सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है गंगा का मैदान घनी जनसंख्या के लिए जाना जाता है!भारतीय पुराण और साहित्य में अपने सौन्दर्य और महत्व के कारण बार बार आदर के साथ वंदित गंगा नदी के प्रति विदेशी साहित्य में भी प्रशंसा और भावुकतापूर्ण वर्णन किये गये है!
गंगा नदी की प्रधान शाखा भागीरथी है जो गंगोत्री से और दुसरी ओर सतपतिमानी से अलकनंदा नदी दोनों देवप्रयाग के संगम पर मिलती है यहाँ से यह सम्मिलित जल-धारा गंगा नदी के नाम से आगे प्रवाहित होती है!इस प्रकार 200किलोमीटर का सँकरा रास्ता तय करके गंगा नदी रीषिकेश होते हुए प्रथम बार मैदानों का स्पर्श हरिद्वार में प्रवेश करती है!हरिद्वार से लगभग 800किलोमीटर मैदानी यात्रा करते हुए कन्नौज,कानपुर होते हुए इलाहाबाद पहुँचती है!यहाँ इसका संगम यमुना,सरस्वती और गंगा तीनों नदियों का संगम होता है जिसे त्रिवेणी संगम कहते है!इसकाइसके बाद हिन्दू मोक्षदीयिनी नगरी वाराणसी से पटना में पहुँचती है जहाँ सोन,गण्डक,घाघरा,कोसी आदि नदियाँ मिल जाती है बिहार से निकलकर गंगा पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले गिरिया स्थान के पास गंगा नदी दो शाखाओं में विभाजित हो जाती है-

हुगली और पद्मा!
हुगली नदी दक्षिण की ओर पश्चिम बंगाल में और पद्मा नदी दक्षिण-पूर्व की ओर बहती फरक्का बैराज से छनते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है!सुन्दरवन डेल्टाई भाग बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिर जाती है!
▪यह नदी हरिद्वार,मुरादाबाद,रामपुर,कानपुर,इलाहाबाद,वाराणसी,पटना,राजशाही आदि कई शहरों से गुजरती है!
▪गंगा नदी की कुल लम्बाई लगभग 2525 किलोमीटर मानी जाती है!
▪गंगा नदी पर प्रसिद्ध त्रिवेणी संगम प्रयाग में गंगा,यमुना और सरस्वती तीन नदियों से मिलकर बना है!
▪गंगा नदी तीन बाँध बने हुए है–टिहरी बाँध* (उत्तराखण्ड),फरक्का बाँध(प.बंगाल),भीमगोडा बाँध(उत्तराखण्ड)

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