दैनिक समसामयिकी 31 December 2017

1.फिलिस्तीन ने पाक से राजदूत को वापस बुलाया
• भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अदनान अबू अल हायजा ने कहा कि भारत के विरोध के बाद पाकिस्तान में आतंकी हाफिज सईद की रैली में शामिल हुए फिलिस्तीनी राजदूत वलीद अबू अली को वापस बुला लिया गया है।
• हायजा ने कहा कि भारत और फिलिस्तीन के नजदीकी एवं मित्रतापूर्ण संबंधों को देखते हुए अली का कदम अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि अली को सामना बांधने और इस्लामाबाद छोड़ने के लिए कुछ दिनों का समय दिया गया है।
• हायजा ने कहा, फिलिस्तीनी सरकार ने अली को बताया कि वह अब पाकिस्तान में नहीं रहेंगे। पाकिस्तान में फिलिस्तीन के राजदूत वलीद अबू अली ने शुक्र वार को रावलपिंडी के लियाकत बाग में दिफा ए पाकिस्तान काउंसिल द्वारा आयोजित एक रैली में कथित तौर पर भाग लिया था।
• दिफा ए पाकिस्तान काउंसिल धार्मिक एवं चरमपंथी समूहों का संगठन है जिसका प्रमुख मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद है।

2. उ. कोरिया 2018 में भी जारी रखेगा परमाणु विस्तार
• उत्तर कोरिया 2018 में भी अपनी परमाणु शक्तिको विकसित करने का अभियान जारी रखेगा। सरकारी मीडिया ने शनिवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।सीएनएन ने कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) की रिपोर्ट के हवाले से बताया, उनकी नीति में किसी प्रकार के बदलाव की अपेक्षा न करें।
• रिपोर्ट में कहा गया, एक अजेय शक्ति के रूप में उत्तरी कोरिया के अस्तित्व को न ही कमजोर किया जा सकता है और न ही नकारा जा सकता है। एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति के रूप में उत्तर कोरिया सभी बाधाओं को पार करते हुए स्वतंत्रता और न्याय की राह पर चलेगा।
• रिपोर्ट में वर्ष 2017 के दौरान देश की परमाणु उपलब्धियों की भी जानकारी दी गई। रिपोर्ट में कहा गया कि ‘‘जब तक अमेरिका और उसके अधीन शक्तियां परमाणु खतरा बनी रहती हैं तब तक उत्तर कोरिया आत्मरक्षा के लिए और हमले की संभावना के मद्देनजर अपनी परमाणु शक्तियों का विस्तार करता रहेगा।
• रिपोर्ट में अमेरिका के प्रमुख स्थानों पर हमला करने की प्योंगयांग की नई क्षमताओं पर भी जोर डाला गया है। साथ ही इसमें उत्तर कोरिया को विश्व स्तरीय परमाणु शक्ति बताया गया है।
• रिपोर्ट में कहा गया कि उत्तर कोरिया अमेरिका की तरफ से युद्ध की क्रूरतम घोषणा का निश्चित रूप से जवाब देगा।

3. निर्भय, ब्रह्मोस और कलवरी ने दी भारत की रक्षापंक्ति को मजबूती
• जाता हुआ साल रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और सशस्त्र बलों के लिए उपलब्धियों वाला रहा। स्वदेशी रक्षा उत्पादों और मिसाइलों के विकास और उत्पादन की दिशा में भारतीय रक्षा वैज्ञानिकों ने जहां अच्छी सफलता पाई, वहीं भारत की संरक्षा- सुरक्षा की समृद्धि के लिए भी इस साल बेहतर कार्य हुए।
• डीआरडीओ ने स्ट्रेटिजिक मिसाइल प्रोग्राम में मील का पत्थर उस वक्त रखा, जब एक हजार किलोमीटर रेंज की जमीन से हवा में मार करने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल ‘‘निर्भय’ ने अपने लक्ष्य को नेस्तनाबूद किया।
• इसी तरह रूस के सहयोग से विकसित-निर्मित ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने भारत के अग्रणी युद्धक विमान सुखोई-30 एमकेआई से लक्ष्य को भेद कर मिसाइल के वायुसेना वर्जन की सफलता पर मोहर लगाई।
• यह एक ऐसा परीक्षण था, जिस पर सुखोई विमान और ब्रह्मोस दोनों के तालमेल पर पूरी दुनिया की निगाहें लगी हुई थीं।पूरी तरह स्वदेश में विकसित निर्भय मिसाइल का इस साल सात नवम्बर को हुआ कामयाब परीक्षण डीआरडीओ के लिए बहुत बड़ी खुशी लेकर आया। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके पहले के तीन परीक्षण पूरी तरह नाकामयाब रहे थे, जबकि चौथा परीक्षण आंशिक रूप से ही कामयाब रहा था।
• नि:संदेह निर्भय मिसाइल के परीक्षण को पांचवीं बार में मिली सफलता ने हमारे रक्षा तंत्र को और भी समृद्ध किया है, क्योंकि यह पूरी तरह स्वदेशी है। यह इंटरसेप्टर मिसाइल एक्सो और एंडो एटमासफेरिक रीजन्स में अपने एक हजार किलोमीटर रेंज के परीक्षण में कामयाब रही। इसकी सफलता के बाद भारत ने लांग रेंज सबसोनिक क्रूज मिसाइल के क्षेत्र में बादशाहत हासिल कर ली है।
• निर्भय भारत की प्रथम स्वदेशी डिजाइन्ड, विकसित क्रूज मिसाइल है।डीआरडीओ ने इस साल पूरी तरह नए विकसित शार्ट रेंज क्विक रिएक्शन सरफेश टू एयर मिसाइल (क्यूआरएसएएम) के तीन सफल फ्लाइट टेस्ट भी किए।
• यह एक हाइली मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम है, जो मल्टीपल टाग्रेट को एक साथ 25 किलोमीटर की दूरी से हमला कर नष्ट कर सकता है।इसी तरह, रूस-भारत के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोससुपर सोनिक क्रूज मिसाइल और सुखोई-30 एमकेआई की जुगलबंदी ने 22 नवम्बर को इतिहास रच दिया।
• सुखोई में फिट ब्रह्मोस मिसाइल ने पायलट के इशारे पर अपने लक्ष्य को नष्ट कर पूरी दुनिया को चौंका दिया। ब्रह्मोस को कैरी करने के लिए सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों की पेंदी में कुछ चेंज किए गए हैं और उनका वजन भी कम किया गया है।
• ब्रह्मोस की रेंज को अब 290 किलोमीटर से बढ़ाकर 450 किया जा रहा है। इस सफलता ने भारतीय वायुसेना के लड़ाकू बेड़े की मारक क्षमता में गुणात्मक वृद्धि की है। ब्रह्मोस को कैरी करने के लिए 40 सुखोई विमानों में तब्दीली की जा रही है, जिसे वर्ष 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
• भारत की स्वदेशी बियांड विजुअल रेंज एयर टू एयर मिसाइल (बीवीआरएएएम) ‘‘एस्ट्री’ ने अपने निर्माण के 15 साल पूरे कर लिए हैं। हाइली मैनूवरेबल टाग्रेट को मार गिराने में सक्षम सुपरसोनिक गति से चलने वाली इस मिसाइल को अब जल्दी ही सशस्त्र बलों में शामिल कर लिया जाएगा। भारतीय नौसेना को इस साल के अंत में बहुप्रतीक्षित पनडुब्बी आईएनएस-कलवरी प्राप्त हुई।
• इसे फ्रांस की स्कॉर्पियन पनडुब्बी निर्मात्री कम्पनी से टेक्नोलाजी ट्रांसफर के तहत यहां निर्मित किया गया है। फ्रांस से खरीदी गई स्कॉर्पियन श्रेणी की इन पनडुब्बियों के लिए करार वर्ष 2005 में हुआ था। इस श्रेणी की शेष दो पनडुब्बियों का निर्माण भी अपने अंतिम दौर में है। दोनों 2019 तक नौसेना के बेड़े में शामिल हो जाएंगी।

4. अमेरिकी सेना में ट्रांसजेंडरों की भर्ती एक जनवरी से
• अमेरिकी सेना सोमवार (एक जनवरी, 2018) से ट्रांसजेंडरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू देगी। ऐसा फेडरल कोर्ट के ताजा फैसले के बाद संभव होगा, जिसे चुनौती न देने का फैसला ट्रंप सरकार ने किया है। यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक और फैसला होगा जिसके खिलाफ कोर्ट ने निर्णय दिया है।
• इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेना में ट्रांसजेंडर की भर्ती पर रोक लगाने का आदेश दिया था। लेकिन वाशिंगटन और वर्जीनिया की अपील कोर्ट ने इस आदेश को रद कर दिया। इसके बाद सरकार फेडरल कोर्ट में मामले को लेकर गई और राहत मांगी। लेकिन फेडरल कोर्ट ने कोई राहत देने से इन्कार करते हुए भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के आदेश दिए।
• इसी के बाद रक्षा मंत्रलय पेंटागन ने एक जनवरी से ट्रांसजेंडरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। ट्रांसजेंडरों की वकील जेनिफर लेवी ने इसे खास समुदाय के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी बताया है।
• इससे पहले सात मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश के रोक के राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले को भी कोर्ट रद कर चुकी है।

5. इबोला पर अंकुश की दिखी राह
• वैज्ञानिकों ने एक ऐसे एंजाइम की पहचान करने में सफलता हासिल की है, जो खतरनाक इबोला वायरस को फैलने से रोक सकता है। इसे तलाशने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि यह एंजाइम वायरस से अपनी तरह का दूसरा वायरस पैदा करने की क्षमता छीन लेता है। दरअसल, इस क्षमता के कारण ही वायरस की संख्या बढ़ती चली जाती है और ज्यादा संक्रमण फैल जाता है।
• डेनमार्क की यूनिवर्सिटी ऑफ कोपेनहेगन के जैकब निलसन के मुताबिक, मानव कोशिकाओं में इबोला वायरस के प्रवेश के साथ ही उसका केवल एक मकसद होता है तेजी से अपने जैसे और वायरस पैदा करना।
• पहले वह अपने सभी प्रोटीन की प्रति तैयार करता है और फिर उसकी आनुवंशिक सामग्री की। उन्होंने बताया, लेकिन एक विशेष किस्म के एंजाइम को शरीर में डालने से इबोला वायरस की इस क्षमता को बाधित किया जा सकता है। इससे संभवत: इबोला संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
• मॉलिक्यूलर सेल नामक जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, वैज्ञानिकों का कहना है कि अब तक इबोला की रोकथाम के लिए कोई भी उपचार नहीं खोजा जा सका है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। अब इस नई खोज से इस खतरनाक वायरस के उपचार की उम्मीद जगी है।
• अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने इबोला के पीछे काम करने वाला नया होस्ट फैक्टर तलाशा। यानी वह वजह जिसके कारण वायरस अपनी संख्या को बढ़ाता है। उन्होंने पाया कि इबोला मनुष्य की कोशिकाओं का ही प्रयोग होस्ट के रूप में करता है और अपनी संख्या को बढ़ाता है। इसी के परिणाम स्वरूप संक्रमण फैलता है। वायरस होस्ट फैक्टर एंजाइम पीपी2ए-बी56 का प्रयोग प्रोटीन्स के उत्पादन की शुरुआत के लिए करता है।
• वैज्ञानिकों ने पाया कि यदि वह पीपी2ए-बी56 को ही बंद कर दें तो वायरस भी अपनी संख्या नहीं बढ़ा पाएगा। इसके लिए वैज्ञानिकों ने पीपी2ए-बी56 पर रोक लगा दी, जिसके परिणामस्वरूप इबोला की वायरस को बढ़ाने की क्षमता खत्म हो गई।

6. विदेशी मुद्रा भंडार 404.92 अरब डालर के रिकॉर्ड स्तर पर
• देश का विदेशी मुद्रा भंडार गत 22 दिसंबर को समाप्त सप्ताह में 3.53 अरब डालर बढ़कर 404.92 अरब डालर के अब तक के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया।
• रिजर्व बैंक के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। इसके मुताबिक इस दौरान विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में वृद्धि दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार इससे पिछले सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार 48.82 करोड़ डालर बढ़कर 401.38 अरब डालर पर पहुंच गया था।
• विदेशी मुद्रा भंडार ने इस साल सितंबर के पहले सप्ताह में पहली बार 400 अरब डालर का आंकड़ा छुआ था।

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