दैनिक समसामयिकी 25 December 2017

1.पर्सनल लॉ बोर्ड ने किया तीन तलाक पर विधेयक का विरोध, कहा
• ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन तलाक के खिलाफ प्रस्तावित विधेयक के मसौदे को मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों तथा संविधान के खिलाफ करार दिया है। बोर्ड का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को तलाक ही नहीं माना है। ऐसे में सजा देने का कोई औचित्य नहीं है। बोर्ड ने तीन तलाक के मुद्दे पर केंद्र सरकार के प्रस्तावित विधेयक को नामंजूर कर दिया है।
• बिल को वापस ले केंद्र:बोर्ड ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह इस बिल को वापस ले। इस मामले में पर्सनल लॉ बोर्ड के चेयरमैन मौलाना राबे हसनी नदवी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलकर उनको स्थिति से अवगत कराएगा।
• जब तलाक होगा ही नहीं, तो सजा क्यों: यहां नदवा कालेज में बोर्ड कार्यकारिणी की हुई आपातकालीन बैठक के बाद बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना खलीलुर्रहमान सज्जाद नोमानी ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक में केंद्र सरकार के प्रस्तावित विधेयक के बारे में विस्तार से र्चचा की गई। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा है कि तीन तलाक नहीं माना जाएगा।
• मौलाना नोमानी ने सवाल उठाया कि जब तीन तलाक होगा ही नहीं, तो सजा क्यों? अब सरकार तीन तलाक देने वालों को सजा का प्रावधान करने जा रही है। दूसरी तरफ तलाक के बाद बच्चों की देखरेख की जिम्मेदारी महिला पर छोड़ी गयी है, जब तलाक देने वाला शौहर जेल में होगा, तो वह उनकी मदद कैसे करेगा।
• उन्होंने कहा कि बिल में ऐसी व्यवस्था है कि अगर कोई व्यक्ति झूठ-मूठ यह शिकायत कर दे कि फलां व्यक्ति ने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया है, तो पुलिस उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यह कैसा कानून है।
• विधेयक का मसौदा शरीयत व संविधान के खिलाफ: मौलाना ने कहा कि बोर्ड का यह मानना है कि तीन तलाक संबंधी विधेयक का मसौदा मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों, शरीयत तथा संविधान के खिलाफ है। तीन तलाक की आड़ में अन्य विधि से तलाक देने का हक पुरु षों से छीनने का प्रयास किया जा रहा है।

2. पड़ोसी देशों से व्यापार बढ़ाने के लिए बनेंगे राजमार्ग
• पड़ोसी देशों के साथ व्यापार बढ़ाने व सुगम बनाने के लिए भारत प्रमुख राजमार्ग गलियारों (हाईवे कोरिडोर) को अंतरराष्ट्रीय व्यापार स्थलों से जोड़ेगा। इस परियोजना पर 25 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और दो हजार किमी लंबे राजमार्गो का निर्माण किया जाएगा।
• केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इसके जरिये नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार के साथ व्यापार को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट ‘भारतमाला परियोजना’ का हिस्सा होगा यानी उसी के अंतर्गत बनाया जाएगा।
• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 25 अक्टूबर को मार्च 2022 तक 83,677 किलोमीटर लंबे राजमार्ग बनाने के मेगा प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। इस मेगा प्रोजेक्ट पर कुल सात लाख करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इसके तहत सरकार की महत्वाकांक्षी ‘भारतमाला परियोजना’ भी आती है, जिस पर 5.35 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
• कहां से आएगा पैसा : प्रोजेक्ट के लिए धन के बारे में पूछे जाने पर गडकरी ने बताया कि भारतमाला परियोजना की कुल लागत 5.35 लाख करोड़ रुपये में से 2.37 लाख करोड़ रुपये केंद्रीय सड़क कोष से, 2.05 लाख करोड़ रुपये बाजार से ऋण लेकर, 34 हजार करोड़ रुपये राजमार्ग परियोजनाओं के मुद्रीकरण से और 60 हजार करोड़ रुपये बजट आवंटन से प्राप्त होंगे।
• अंतरराष्ट्रीय संपर्क बेहतर होगा : गडकरी ने बताया कि राजमार्ग गलियारों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार स्थलों से जोड़ने के अलावा कई और परियोजनाएं भी पूरी की जाएंगी। इनका उद्देश्य दक्षिण एशिया और आसियान देशों के साथ भारत के अंतरराष्ट्रीय संपर्क को बेहतर करना है।
• उन्होंने बताया कि नेपाल के तराई इलाकों में सड़क ढांचे को मजबूत करने का समझौता 2016 में हुआ था।

3. शिक्षा ऋण से भी बढ़ी रही एनपीए की समस्या
• बैंकों के लिए शिक्षा कर्ज भी अब समस्या बनती जा रही है। कर्ज लौटाने में चूक बढ़कर मार्च 2017 में कुल बकाए का 7.67 प्रतिशत हो गया जो दो साल पहले 5.7 प्रतिशत था।
• भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के आंकड़े के अनुसार वित्त वर्ष 2016-17 के अंत में कुल शिक्षा कर्ज 67,678.5 करोड़ रूपये पहुंच गया। इसमें 5,191.72 करोड़ रूपये एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) हो गया। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में बढ़े फंसे कर्ज से पहले ही जूझ रही है और उन्हें मजबूत करने के लिए पूंजी डालने की बड़ी योजना तैयार की है।
• आईबीए के आंकड़े के अनुसार क्षेत्र में गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) कुल कर्ज के प्रतिशत के रूप में लगातार बढ़ रही है।वित्त वर्ष 2014-15 में एनपीए 5.7 प्रतिशत थी जो 2015-16 में 7.3 प्रतिशत तथा पिछले वित्त वर्ष में 7.67 प्रतिशत पहुंच गई।
• उल्लेखनीय है कि सरकार ने पूर्व में आईबीए की शिक्षा कर्ज योजना के माडल में संशोधन किया जिसका मकसद इस क्षेत्र में एनपीए के प्रभाव को कम करना था।
• योजना में जो बदलाव किए गए, उसमें भुगतान की अवधि बढ़ाकर 15 साल करना तथा 7.5 लाख रूपये तक के शिक्षा ऋण के लिए क्रेडिट गारंटी फंड स्कीम फार एजुकेशन लोन की शुरुआत शामिल हैं।
• सरकारी बैंकों का एनपीए 7.34 लाख करोड़ है जिसमें सबसे ज्यादा हिस्सा कारपोरेट जगत का है।

4. अगले साल 7.5 फीसद रहेगी भारत की आर्थिक विकास दर
• जापान की वित्तीय सेवा फर्म नोमुरा ने भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति पर भरोसा जताया है। फर्म की रिपोर्ट में जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान तेज आर्थिक विकास का अनुमान लगाया गया है। इसके मुताबिक 2018 में देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 7.5 फीसद रह सकती है।
• नोमुरा ने कंपोजिट लीडिंग इंडेक्स में बाजार में नकदी की स्थिति सुधरने और ग्लोबल स्तर पर मांग में सुधार के दम पर अर्थव्यवस्था में तेजी की उम्मीद जताई है। नोमुरा ने शोध रिपोर्ट में कहा, ‘हम विकास परिदृश्य को लेकर उत्साहित हैं।
• इस साल की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में 6.3 फीसद विकास दर की तुलना में चौथी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में यह 6.7 फीसद रह सकती है। 2018 में मजबूत सुधार के साथ 7.5 फीसद विकास दर की उम्मीद है।’ रिपोर्ट में महंगाई का दबाव बढ़ने और कच्चे तेल की ऊंची कीमत को देखते हुए मौद्रिक नीति को सख्त किए जाने की संभावना व्यक्त की गई है।
• छह दिसंबर को रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में भी अधिकतर सदस्यों ने महंगाई के दबाव पर चिंता जताई थी। इसी कारण नीतिगत दरों को यथावत रखा गया था।
• रिपोर्ट में कहा गया है कि 2018 की दूसरी तिमाही में मौद्रिक नीति समिति की ओर से थोड़ा आक्रामक रुख की उम्मीद है। उस समय विकास और महंगाई दोनों की दर ज्यादा रह सकती हैं। हालांकि हमें उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक उस दौरान भी नीतिगत दरों को यथावत रखेगा।’
• रिजर्व बैंक ने छह दिसंबर को चालू वित्त वर्ष की पांचवी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट (वह दर जिस पर बैंक अतिरिक्त फंड कुछ समय के लिए जमा कर आरबीआइ से ब्याज प्राप्त करते हैं) को छह फीसद पर बरकरार रखा था।

5. रूस में राष्ट्रपति चुनाव में व्लादिमीर पुतिन को चुनौती देंगे नेवलनी
• अलेक्साई नेवलनी को रूस के राष्ट्रपति चुनाव में मौजूदा राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चुनौती देने वाले एकमात्र विपक्षी नेता के रूप में देखा जा रहा है। नेवलनी ने मार्च में होने वाले चुनाव में खुद को प्रत्याशी बनाए जाने की मांग की है। पूरे रूस में उनके इस फैसले के समर्थन में लोग जुट रहे हैं।
• चुनाव अधिकारियों की मौजूदगी में रूस के 20 शहरों में 41 वर्षीय वकील नेवलनी के समर्थन में हजारों लोग बैठक कर रहे हैं। वे नेवलनी को आधिकारिक तौर पर प्रत्याशी बनाने की मांग कर रहे हैं। जबकि चुनाव अधिकारी उन्हें चुनाव लड़ने के अयोग्य मानते हैं क्योंकि उन्हें आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया है।
• अधिकारियों का कहना है कि केवल चमत्कार ही नेवलनी को प्रत्याशी बनाने में मदद करेगा। लेकिन नेवलनी ने कहा कि वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्हें चुनाव लड़ने से रोकना असंभव है। पश्चिम में पढ़े-लिखे नेवलनी ने मौजूदा शासन को लेकर युवा पीढ़ी के गुस्से का साथ दिया। उन्होंने रूस में एक मजबूत विरोध आंदोलन खड़ा किया।
• कानून के मुताबिक, विधिवत प्रत्याशी बनने के लिए नेवलनी के पास हर शहर में कम से कम 500 लोगों का समर्थन होना जरूरी है। मॉस्को में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में करीब 700 लोगों ने उनका समर्थन किया।
• इस कार्यक्रम के लिए स्थान नहीं मिलने पर उन्होंने पार्क में बड़ा टेंट लगाकर चुनाव अभियान चलाया। इससे पहले शनिवार को व्लादिवोस्तोक, इरकुत्सक, क्रैस्नोयार्कस्क, नोवोसाइबिरस्क और अन्य शहरों में समर्थकों ने उनकी उम्मीदवारी की पुष्टि की।
• गौरतलब है कि पुतिन ने चौथी बार राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने की इस घोषणा की है। अगर वह चुनाव जीत गए तो तानाशाह जोसेफ स्टालिन के बाद वह सबसे लंबे समय तक पद संभालने वाले रूसी नेता बन जाएंगे।

6. चीन के स्वदेशी एंफीबियस विमान ने भरी पहली उड़ान
• चीन के पहले एंफीबियस विमान ने रविवार को अपनी पहली उड़ान पूरी की। विमान ने दक्षिण चीन सागर के विवादित तटीय शहर झुहाई से उड़ान भरी। इस विमान को दुनिया का सबसे बड़ा विमान माना जा रहा है।
• चीन सैन्य क्षमता बढ़ाने में जुटा हुआ है और इस विमान की सफल उड़ान से चीन की शक्ति में वृद्धि होगी। विमान एजी 600 ने सफलतापूर्वक जिनवान असैन्य हवाईअड्डे से उड़ान भरी। इसका कूट नाम ‘‘कुनलांग’ है। यह उड़ान एक घंटे तक चली।
• ग्वांगदोंग प्रांत में झुहाई एक बंदरगाह है।समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, एजी600 के चीफ डिजाइनर हुआंग लिंगकाई ने कहा, इस सफल उड़ान ने चीन को दुनिया के बड़े एंफीबियस विमान विकसित करने में सक्षम कुछ देशों में शुमार कर दिया है।
• विमान को विकसित करने वाले सरकारी एविएशन इंडस्ट्री कॉरपोरेशन चाइना (एवीआईसी) ने कहा, विमान चार घरेलू टबरेप्राप इंजन द्वारा संचालित है और इसका ढांचा 39.6 मीटर लंबा है।
• एवीआईसी सूत्रों के अनुसार, एंफीबियस विमान अधिकतम 53.5 टन भार वहन कर सकता है और इसकी रफ्तार 500 किमी प्रति घंटा है। विमान एक बार में 12 घंटे तक उड़ान भर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *