अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस: 18 दिसंबर

18 दिसंबर 2017 को पूरे विश्व में ‘अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस’ (International Migrants Day) मनाया गया। वर्ष 2017 के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रवासी दिवस का विषय (थीम) “सेफ माइग्रेशन इन अ वर्ल्ड ऑन द मूव” है।

इतिहास:

संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने 4 दिसम्बर 2000 को सम्पूर्ण विश्व में बढ़ते प्रवासियों की संख्या को देखते हुए को 18 दिसम्बर को अंतरराष्ट्रीय प्रवासी दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

गौरतलब है कि 18 दिसंबर, 1990 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों और उनके परिवार के सदस्यों के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन को अपनाया था।

19 सितंबर, 2016 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने शरणार्थियों और प्रवासियों की सुरक्षा को बढ़ाने के लिए शरणार्थियों और प्रवासियों के बड़े स्तर के प्रवासन पर अपने पहले शिखर सम्मेलन के दौरान प्रतिबद्धताओं के एक सेट को अपनाया था। इन प्रतिबद्धताओं को शरणार्थियों और प्रवासियों के लिए न्यूयॉर्क घोषणापत्र (NY घोषणा) के रूप में जाना जाता है।

वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट:

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट ने दावा किया है कि दुनिया में सबसे ज्यादा प्रवासी भारतीय हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 15.6 मिलियन से अधिक भारतीय विदेश में रहते हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों (अपने जन्म के देश से बाहर रहने वाले लोगों) में 2015 में 243 मिलियन का अनुमान लगाया गया था। दुनियाभर में भारतीय प्रवासी लगभग 6% हैं। भारत के बाद मैक्सिको दूसरा सबसे बड़ा प्रवासियों का देश है।

यूएन एजेंसी इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन द्वारा प्रकाशित ‘वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट (2018)’ के अनुसार साल 2010 में 3.2 फीसदी और 2015 में 3.3 फीसदी के साथ समुदाय का विकास स्थिर रहा है। दुनियाभर के शुरुआती आधे अंतरराष्ट्रीय प्रवासियों का जन्म एशिया और मुख्य रूप से भारत, चीन और अन्य दक्षिण एशियाई देशों में हुआ है।

पिछले साल 2016 में जब माइग्रेशन रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी तब यूएन डिप्टी सेक्रेटरी जनरल जेन एलियासन ने कहा था कि प्रवासियों को संरक्षण देने की जरूरत है।

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