दैनिक समसामयिकी 15 December 2017

1.बेनतीजा रही डब्ल्यूटीओ बैठक
• विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के महानिदेशक राबटरे अजेवेडो का कहना है कि डब्ल्यूटीओ का 11वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन बिना किसी निष्कर्ष के समाप्त हो गया, जो कि निराशाजनक है। समाचार एजेंसियों की खबरों के अनुसार अजेवेडो ने बुधवार को द्विवार्षिक बैठक के समापन सत्र के दौरान अपने संबोधन में डब्ल्यूटीओ के 164 सदस्य देशों के किसी ठोस समझौते पर नहीं पहुंचने पर खेद जताया।
• विश्व व्यापार संगठन के 11वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में बातचीत असफल होने से भारत जैसे अन्य विकासशील देशों को निराशा हुई है। इसकी अहम वजह अमेरिका का सार्वजनिक खाद्य भंडारण के मुद्दे का स्थायी समाधान ढूंढने की अपनी प्रतिबद्धता से पीछे हटना है। चार दिवसीय यह बैठक बिना किसी मंत्रिस्तरीय घोषणा या बिना किसी ठोस परिणाम के ही समाप्त हो गई। बस मत्स्य और ई-वाणिज्य के क्षेत्र में ही थोड़ी प्रगति हुई है क्योंकि इसके लिए कामकाजी कार्यक्रमों पर सहमति बनी है।
• इस संगठन में 164 सदस्य देश शामिल हैं। मंत्रिस्तरीय सम्मेलन इस संगठन की शीर्ष निर्णय इकाई है। भारत द्वारा प्रमुख तौर पर उठायी गई खाद्य सुरक्षा की मांग को लेकर एक साझा स्तर पर पहुंचने से अमेरिका ने मना कर दिया जिससे यह बातचीत असफल रही।
• तमाम कोशिशों के बावजूद सार्वजनिक खाद्य भंडारण के मुद्दे पर सदस्य देश गतिरोध खत्म करने में विफल रहे। इससे विकासशील देशों समेत अन्य कई सदस्य राष्ट्रों को निराशा हुई। बातचीत के विफल होने पर कोई मंत्रिस्तरीय घोषणा नहीं हुई।
• हालांकि बैठक की अध्यक्षा अज्रेटीना की मंत्री सुसैना मालकोरा ने अपने बयान में बैठक की प्रगति के बारे में जानकारी दी।सम्मेलन के अंत में भारत द्वारा जारी बयान में कहा गया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विश्व व्यापार संगठन के मौजूदा लक्ष्यों एवं नियमों पर आधारित कृषि सुधारों को एक सदस्य राष्ट्र के मजबूत विरोध करने से कोई परिणाम बाहर नहीं आ सका और ना ही अगले दो साल के लिए कोई कार्ययोजना कार्यक्र म तैयार हो सका।इस
• बैठक में भारतीय दल का नेतृत्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने किया। जी33 समूह के सहयोग से उन्होंने खाद्य सुरक्षा के मुद्दे पर स्थायी समाधान के पक्ष में मजबूती से अपनी बात रखी।

2.फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें 0.25 फीसद बढ़ाई
• अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने इस साल तीसरी बार नीतिगत ब्याज में बढ़ोतरी करते हुए इसे 0.25 प्रतिशत ऊंचा कर दिया है। फेडरल रिवर्ज ने साथ ही यह भी संकेत दिया है कि वह अगले साल कोई अधिक आक्रामक रुख नहीं अपनाएगा।
• फेडरल रिजर्व बैंक की नीति निर्माता इकाई फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की दो दिन की बैठक के बाद बुधवार को भारतीय समय के अनुसार देर शाम इस निर्णय की घोषणा की गई। कमेटी ने कहा कि उसने श्रम बाजार और अर्थव्यवस्था की मजबूती को देखते हुए यह कदम उठाया है।
• फेडरल रिजर्व की नीतिगत दर अब बढ़ कर 1.25-1.5 प्रतिशत के दायरे में आ गई है। इस बढ़ोतरी से घरों से लेकर कार तक के ऋण की किस्तें महंगी हो जाएंगी।हालांकि फेडरल अधिकारियों के सितम्बर में व्यक्त किए गए तिमाही नीतिगत म्रुख और अनुमान में कोई बदलाव नहीं दिखता है।
• फेडरल रिजर्व 2018 में तीन बार और 2019 में एक बार नीतिगत दर में वृद्धि की संभावना पहले ही जाहिर कर चुका है। फेडरल रिजर्व को मुद्रास्फीति की ज्यादा चिंतित नहीं है।फेडरल रिजर्व की चेयरमैन जेनेट येलेन का कहना है कि इस निर्णय की वजह यह है कि अमेरिका में श्रम बाजार की स्थिति मजबूत है। वैसे ब्याज दर बढ़ाने के निर्णय पर समिति में कुछ असहमतियां रहीं।

3.भारत में स्वास्थ्य के लिए खतरा बना ई-कचरा
• भारत में ई-कचरा के पुनर्चक्रीकरण से जुड़े लोगों के कम पढ़े-लिखे होने के कारण देश में स्वास्थ्य के प्रति खतरा बढ़ गया है और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में यह बात कही गयी है।‘‘वैश्विक ई-कचरा निगरानी 2017’ रिपोर्ट के अनुसार, भारत का इलेक्ट्रानिक उद्योग विश्व के सबसे तेजी से बढ़ते उद्योगों में है और घरेलू ई-कचरा में बड़ी भूमिका निभाता है। इससे 2016 में बीस लाख टन ई-कचरा तैयार हुआ था।
• रिपोर्ट में कहा गया कि ई-कचरा की मात्रा बढ़ती जा रही है जबकि इनमें से बेहद कम ही पुनर्चक्रीकृत हो पा रहे हैं।इस रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र विविद्यालय, अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ और अंतरराष्ट्रीय ठोस कचरा संगठन ने मिलकर तैयार किया है।
• रिपोर्ट के अनुसार, 2016 में विश्व भर में 447 लाख टन ई-कचरा निकला था और इनमें से महज 20 प्रतिशत का ही पुनर्चक्रीकरण किया गया था। चीन 72 लाख मीट्रिक टन के साथ ई-कचरे का सबसे बड़ा उत्पादक रहा था।रिपोर्ट में कहा गया, दक्षिणी और दक्षिणी-पूर्वी एशिया में भारत अधिक आबादी के कारण ई-कचरा के घरेलू उत्पादन में बड़ी हिस्सेदारी रखता है। वर्ष 2016 में भारत में बीस लाख टन ई-कचरा का उत्पादन हुआ था।
• इसके अलावा भारत विकसित देशों से भी ई-कचरा का आयात करता है।रिपोर्ट में आगे कहा गया, हालांकि देश में असंगठित पुनर्चक्रीकरण काफी समय से हो रहा है और 10 लाख से अधिक गरीब लोग इसमें सक्रि य हैं। इनमें से अधिकांश का शिक्षास्तर बेहद कम है और उन्हें ई-कचरा के पुनर्चक्रीकरण के बारे में काफी कम जागरूकता है।

4.भारत में आय असमानता बहुत ज्यादा बढ़ी
• भारत में आय असमानता काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। शीर्ष 0.1 प्रतिशत सबसे अमीर लोगों की कुल संपदा बढ़कर निचले 50 प्रतिशत लोगों की कुल संपदा से अधिक हो गई है।र्वल्ड इनइक्विलिटी लैब के अध्ययन के अनुसार भारत में आर्थिक असमानता काफी व्यापक है और यह 1980 के दशक से लगातार बढ़ रही है।
• इसमें कहा गया है कि आय असमानता ऐतिहासिक रूप से काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। शीर्ष 0.1 प्रतिशत आमदनी वाले लोगों की कुल संपदा निचले 50 प्रतिशत लोगों से अधिक हो गई है। आय असमानता में बढ़ोतरी 1947 में देश की आजादी के 30 साल की तुलना में उलट है।
• उस समय आय असमानता काफी घटी थी और निचले 50 प्रतिशत लोगों की संपत्ति राष्ट्रीय औसत की तुलना में ज्यादा तेजी से बढ़ी थी।इस रिपोर्ट को अर्थशास्त्रियों फाकुंडो एल्वारेडो, लुकास चांसल, थॉमस पिकेटी, इमानुअल साइज और गैब्रियल जकमैन ने संयोजित किया है। इसमें पिछले 40 बरस के दौरान वैश्वीकरण के असमानता वाले प्रभाव को दर्शाया गया है।

5.ब्रेक्जिट मुद्दे पर थेरेसा सरकार संसद में हारी
• प्रधानमंत्री थेरेसा मे की सरकार को ब्रेक्जिट मुद्दे पर संसद में हार का सामना करना पड़ा है। संसद में बुधवार को हुए मतदान में हुई हार सुश्री मे के लिए जोरदार झटके के समान है। वह पहले से ही गत जून के चुनाव में अपनी कंजव्रेटिव पार्टी के बहुमत खोने के बाद से कमजोर हो चुकी है।
• जब अधिकांश सांसद सरकार पर ब्रेक्जिट ब्लूप्रिंट में बदलाव के लिए दवाब डाल रहे थे तो मंत्री दलील दे रहे थे कि इससे यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने पर खतरा हो सकता है।छह सौ पचास सदस्यीय संसद में 305 सांसदों ने यरोपीय संघ से अंतिम निकास समझौते के संशोधन के पक्ष में मतदान किया जबकि 309 इसके विरोध में रहे।
• मे सरकार की टीम अपनी पार्टी के सांसदों को मांग छोड़ देने के लिए समझाते रहे और मुश्किल भरी ब्रेक्जिट बातचीत में आपना पक्ष कमजोर होने की आशंका को लेकर उन्हें सरकार का साथ देने की कोशिश करते रहे। एक सरकारी प्रवक्ता ने बुधवार को संसद में हुए मतदान को निराशाजनक करार दिया।
• यूरोपीय संघ से वापसी संबंधी विधेयक पर गत एक सप्ताह से संसद में प्राय: कड़वी बहस होती रही। ब्रेक्जिट के मुद्दे पर केवल संसद ही नहीं बल्कि सत्तारुढ़ कंजव्रेटिव के साथ-साथ मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी और पूरे देश में गहरा विभाजन है। इसने सुश्री मे की कमजोरी को भी उजागर किया है।

6.इक्वाडोर के उपराष्ट्रपति को 6 साल का कारावास
• इक्वाडोर की एक आपराधिक अदालत ने उपराष्ट्रपति जॉर्ज ग्लास को रिश्वत घोटाले में लिप्त ब्राजील की निर्माण कंपनी ओडेब्रेक्ट के साथ गैर कानूनी संबंध के लिए छह साल कैद की सजा सुनाई है। ओडेब्रेक्ट मामले में इक्वाडोर में सुनाई गई यह पहली सजा है। इसके साथ ही चार अन्य लोगों को भी ग्लास के समान सजा सुनाई गई है, जिसमें उनके अंकल रिकाडरे रिवेरा भी शामिल हैं।
• समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, राष्ट्रीय न्याय अदालत के अध्यक्ष न्यायाधीश एडगर फ्लोरेस ने बुधवार को कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में प्रभावित करने और धनशोधन सहित अन्य अपराध भी शामिल हैं। इसके अलावा तीन अन्य लोगों को 14 महीने कैद की सजा सुनाई है।
• इस मामले में एक अंतिम संदिग्ध को दोषी नहीं ठहराया गया। इस मामले में गबन की गई 3.33 करोड़ रुपये की राशि सभी आरोपी संयुक्त रूप से राज्य को भुगतान करेंगे। फ्लोरेस ने कहा कि अमेरिकी न्याय विभाग और ओडेब्रेक्ट के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष जोस कोनसिकाओ सांतोस ने अदालत के समक्ष साक्ष्य पेश किए थे।
• ग्लास (48) 2009 से 2010 तक दूरसंचार मंत्री थे वह 2013 से देश के उपराष्ट्रपति पद पर हैं। ओडेब्रेक्ट भ्रष्टाचार मामले में जेल जाने वाले ग्लास अब तक के सर्वोच्च पद के अधिकारी हैं।
• गौरतलब है कि ब्राजील की सबसे बड़ी निर्माण कंपनी ओडेब्रेक्ट ने सार्वजनिक बुनियादी ढांचागत अनुबंधों के लिए अधिकारियों को रिश्वत दी थी। अमेरिका द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों के मुताबिक, ओडेब्रेक्ट ने 2007 से 2016 के बीच इक्वाडोर के अधिकारियों को 3.35 करोड़ डॉलर की रिश्वत दी थी।

7. चिनफिंग और पुतिन युद्ध के खिलाफ
• कोरियाई प्रायद्वीप में अमेरिका और उसके मित्र राष्ट्रों के युद्धाभ्यासों के बीच चीन और रूस ने युद्ध के खतरों से आगाह किया है। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बीजिंग में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेई-इन से वार्ता में किसी भी स्थिति में उत्तर कोरिया से युद्ध न होने पर जोर दिया। कहा कि समस्या का समाधान बातचीत से निकाला जाए।
• रूस के राष्ट्रपति ने कहा है कि युद्ध के परिणाम प्रलयंकारी हो सकते हैं, इसलिए उससे हर संभव तरीके से बचा जाए। 1जापान पहुंचे संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरस ने कहा, क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों का खात्मा जरूरी है। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रतिबंधों को पूरी गंभीरता के साथ लागू करना होगा।
• जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबी से मुलाकात के बाद गुतेरस ने कहा, भविष्य में होने वाली किसी भी बातचीत के लिए परमाणु निशस्त्रीकरण मुख्य मुद्दा होना चाहिए। उत्तर कोरिया पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के निर्देशों का पूरी तरह से पालन करे, इसके बाद ही उससे बात शुरू की जाए।
• यह उत्तर कोरिया के भी हित में होगा और उसके खिलाफ खड़े देशों के हित में भी। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने यह बात अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन के उत्तर कोरिया के साथ बिना शर्त वार्ता के प्रस्ताव पर कही।
• इस प्रस्ताव का रूस और चीन ने भी स्वागत किया है। गुतेरस ने कहा कि सुरक्षा परिषद की एकजुटता बहुत मायने रखती है। उसी से कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियार रहित बनाने का रास्ता खुलेगा। प्रधानमंत्री एबी ने कहा, यह समय प्योंगयांग पर अधिकतम दबाव बनाने का है, न कि उससे बातचीत शुरू करने का।
• उन्होंने कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु मुक्त क्षेत्र बनाने से कम शर्त पर कोई बातचीत नहीं होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत के तौर पर जेफ्री फेल्टमैन ने उत्तर कोरिया का दौरा किया था लेकिन वह प्रतिबंधित देश के नेताओं को हथियारों के विकास का रास्ता छोड़ने के लिए तैयार नहीं कर पाए।

8. आधार की अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम फैसला आज
• विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार की अनिवार्यता और आधार को बैंक खातों आदि से जोड़ने पर अंतरिम रोक लगाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को फैसला सुनाएगा। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने आधार की अनिवार्यता पर अंतरिम रोक लगाने की मांग पर गुरुवार को करीब डेढ़ घंटे बहस सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
• सरकार ने कोर्ट को बताया कि विभिन्न योजनाओं के लिए आधार की अनिवार्यता की समयसीमा 31 दिसंबर से 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है।
• कोर्ट ने साफ किया कि आधार कानून की वैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर संविधान पीठ 17 जनवरी से नियमित सुनवाई शुरू करेगी। इससे पहले आधार की अनिवार्यता का विरोध करते हुए वकीलों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में ही अंतरिम आदेश दिया था जिसमें कहा गया था कि आधार स्वैच्छिक होगा न कि अनिवार्य।
• कोर्ट ने अंतरिम आदेश में यह भी कहा था कि आधार योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं का निपटारा होने तक किसी को भी आधार न होने के कारण योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा।
• कोर्ट के इस आदेश के बाद सरकार ने आधार को कानून बना दिया, लेकिन सरकार कानून के जरिये भी कोर्ट के आदेश का विरोध नहीं कर सकती। सरकार एक-एक कर हर चीज में आधार को अनिवार्य करती जा रही है। आधार कानून के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति समेकित निधि से दी जा रही किसी सब्सिडी का लाभ लेता है तो उसके लिए आधार जरूरी किया जा सकता है, लेकिन बैंक खातों के बारे में तो ऐसा नहीं है। उसके लिए आधार को कैसे अनिवार्य किया जा सकता है।
• सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि अगर कोई अपना ड्राइविंग लाइसेंस या फिर पासपोर्ट बनवाता है तो अंगुलियों के निशान देता है।
• 54.24 लाख लोग आधार लिंक करा चुके हैं। हालांकि आधार की समयसीमा 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है। सिर्फ मोबाइल के लिए यह सीमा छह फरवरी है, क्योंकि यह सुप्रीम कोर्ट का एक आदेश है। इसके अलावा नया खाता खुलवाने के लिए आधार चाहिए होगा।
• यूआइडीएआइ (यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि दो लाख फर्जी खाते पाए गए हैं। कालेधन और मनी लांडिंग पर रोक लगाने के लिए ही आधार को खातों से जोड़ा जा रहा है। आधार का विरोध कर रहे वकीलों की मांग थी कि सभी चीजों के लिए आधार की समयसीमा 31 मार्च तक बढ़ाई जानी चाहिए।
• कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला किया सुरक्षित
• आधार कानून पर संविधान पीठ 17 जनवरी से करेगी सुनवाई

9. पनडुब्बी आइएनएस कलवरी राष्ट्र को समर्पित
• हिंद महासागर में भारत की ताकत और मजबूत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेश निर्मित पहली स्कॉर्पिन पनडुब्बी आइएनएस कलवरी राष्ट्र को समर्पित किया है। रक्षामंत्री निर्मला सीतारमन एवं नौसेना प्रमुख सुनील लांबा की मौजूदगी में इस पनडुब्बी को गुरुवार को कमीशन किया गया।
• प्रधानमंत्री ने कहा कि कलवरी या टाइगर शार्क की शक्ति से हमारी नौसेना और मजबूत होगी। इसका नाम हिंद महासागर में पाई जानेवाली खतरनाक टाइगर शार्क के नाम पर ही रखा गया है।
• प्रधानमंत्री ने हिंद महासागर में भारत की मजबूती के साथ पड़ोसी देशों की मदद का संकल्प भी दोहराया। उन्होंने कहा कि हम हिंद महासागर में अपने वैश्विक, आर्थिक एवं सामरिक हितों को लेकर पूरी तरह सजग और सतर्क हैं।
• इस पहली स्वदेशी स्कॉर्पिन को टाइगर शार्क दिया गया नाम, इससे और मजबूत होगी नौसेना
• आइएनएस कलवरी एक डीजल इलेक्टिक लड़ाकू पनडुब्बी है। इस परियोजना को फ्रांस के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया है।
• शोर और ध्वनि को कम रखने के लिए रेडिएटेड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हुआ है। हाइड्रो-डायनामिक ऑप्टिमाइज्ड आकार होने से यह टॉरपीडो एवं ट्यूब तरीके से एंटी शिप मिसाइल का इस्तेमाल करने में सक्षम है।
• यह एंटी सरफेस वार, एंटी सबमरीन वार, बारूदी सुरंग बिछाने, समुद्री क्षेत्र की कुशलतापूर्वक निगरानी करने एवं इंटेलीजेंस इकट्ठा करने में सक्षम होगी।
• कलवरी श्रेणी की ही दूसरी पनडुब्बी खंदेरी भी अंतिम चरण में है। इन दिनों समुद्र में इसका ट्रायल चल रहा है।

10.नैनो प्रदूषण से गेहूं की फसल में कम हुए पोषक तत्व
• नैनो प्रौद्योगिकी चिकित्सा, सौंदर्य जैसे क्षेत्रों में काफी कारगर साबित हुई है। इस प्रौद्योगिकी का प्रयोग कर 600 से अधिक कंपनियां 2200 उत्पाद बना रही हैं। बहुत कम लोगों को जानकारी होगी कि नैनो प्रौद्योगिकी से बने उत्पादों के प्रदूषण की वजह से गेहूं में पोषक तत्वों में 40 फीसद तक कमी आई है।
• इस बात का पता इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध में चला है। इस शोध को अभी हाल ही में अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र वाइब्रेशनल स्पेक्ट्रोस्कोपी ने प्रकाशित किया है।1नैनो प्रौद्योगिकी के बहुतायत फायदे हैं। स्वास्थ्य, ऊर्जा, सौंदर्य आदि इसके उभरते क्षेत्र हैं पर इसके मानकों व कचरा निष्पादन के लिए अभी तक सरकार की ओर से कोई गाइडलाइन नहीं बनी है।
• ऐसे में नैनो प्रौद्योगिकी के उत्पादों से जल, मृदा व कृषि उत्पाद प्रभावित व प्रदूषित हो रहे हैं। इस दिशा में भौतिक विज्ञानी प्रो. केएन उत्तम के निर्देशन में शोध छात्र श्वेता शर्मा व अभिसारिका भारती ने चार वर्ष से पूर्व फसलों पर अध्ययन शुरू किया था। यह शोध मूलत: गेहूं पर आधारित है।

11. नीरज वोरा
• गुजराती रंगमंच से लेकर हिंदी फिल्मों तक में अपने हुनर की हर छटा बिखेरने वाले बहुप्रतिभाशाली नीरज वोरा (54) का गुरुवार तड़के निधन हो गया। वह पिछले 13 महीनों से कोमा में थे।
• नीरज वोरा की बॉलीवुड में पहचान लेखक, अभिनेता और निर्देशक के तौर पर रही। निर्देशक के तौर पर उन्होंने फिर हेराफेरी के अलावा खिलाड़ी नंबर वन, फैमिली वाला और शॉर्टकट का निर्देशन किया। उनकी फिल्म ‘रन भोला रन’ रिलीज नहीं हो सकी। नीरज वोरा ने रामगोपाल वर्मा की दौड़, हेराफेरी-1 और ये तेरा घर ये मेरा घर के साथ-साथ गोलमाल सीरीज की पहली कड़ी का लेखन भी किया।

Courtesy : JAGRAN

 

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