अर्थव्यवस्था :मूडीज और भारतीय अर्थव्यवस्था की निवेश रेटिंग

मूडीज

मूडीज़ विश्व की तीन बड़ी अमेरिकी क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों में से एक है। दो अन्य रेटिंग एजेंसियाँ स्टैण्डर्ड एंड पुअर्स (S & P) तथा फिच हैं। मूडीज़ Aaa से लेकर C तक रेटिंग जारी करती है। AAA सर्वश्रेष्ठ और C सबसे ख़राब रेटिंग है।

क्रेडिट रेटिंग क्या है?

साधारण शब्दों में क्रेडिट रेटिंग किसी भी देश, संस्था या व्यक्ति की ऋण लेने या उसे चुकाने की क्षमता का मूल्यांकन होती है।

रेटिंग में प्रयुक्त तथ्य

कंपनियों द्वारा रेटिंग देते वक्त किसी देश पर कर्ज़ की मौजूदा स्थिति और उसे चुकाने की उसकी क्षमता को ध्यान में रखा जाता है। इसके अतिरिक्त ये एजेंसियाँ देश में हुए आर्थिक सुधारों, भविष्य के आर्थिक परिदृश्य तथा देश में निवेश के लिये सुरक्षित माहौल को भी ध्यान में रखती हैं।

 मूडीज द्वारा जारी नई क्रेडिट रेटिंग में भारत

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज़ ने 13 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद भारत की रेटिंग Baa-3 (सकारात्मक) से Baa-2 (स्थिर) कर दी है। 2004 में मूडीज़ द्वारा भारत को दी गई Baa-3 रेटिंग निवेश श्रेणी की न्यूनतम रैंकिंग है, जो कि ‘जंक’ दर्ज़े (निवेश के ख़राब माहौल की स्थिति) से थोड़ी ही बेहतर रैंकिंग है।

  1.  क्रेडिट रेटिंग बढ़ने के कारण-
    देश में वित्तीय अनुशासन का माहौल बना है तथा सरकारी कर्ज़ में वृद्धि का जोखिम भी कम हो गया है।
  2. भारत में निवेश और व्यापार करने के माहौल में काफी सुधार हुआ है। विश्व बैंक द्वारा जारी ‘व्यापार सुगमता सूचकांक’ (Index of Ease of doing Business) में भारत की रैंकिंग में 30 पायदानों के सुधार ने इस बात की पुष्टि भी कर दी है।
  3. मूडीज़ ने नोटबंदी और बैंकों में फँसे कर्ज़ को लेकर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को देश की अर्थव्यवस्था के लिये साहसिक और उल्लेखनीय बताया है।
  4. एजेंसी ने आधार कार्ड और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना (DBT) को भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये सकारात्मक कदम बताया है।
  5.  GST से देश के अंतर्राज्यीय व्यापार को लाभ होने की प्रबल संभावना है। \

क्रेडिट रेटिंग बढ़ने से लाभ

  1. क्रेडिट रेटिंग में सुधार से भारत सरकार और भारतीय कंपनियों को बाहर से कर्ज़ मिलना आसान हो जाएगा।
  2. कर्ज़ की दर कम होगी जिससे अवसंरचना के विकास में सहायता मिलेगी
  3. रोज़गार की संभावनाओं में वृद्धि होगी
  4. विदेशी निवेशकों में भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति विश्वास बढ़ेगा
  5. भारत की GDP विकास दर में भी वृद्धि देखने को मिलेगी। एजेंसी ने मार्च 2018 तक देश की जीडीपी विकास दर 6.7% तथा 2019 तक पुनः 7.5% होने का अनुमान लगाया है।

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