महामहिम राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद जी की जिबूती यात्रा , for PCS mains and other interview

हाल ही में भारत के राष्ट्रपति श्री महामहिम रामनाथ कोविंद अफ्रीकी देश की विदेश यात्रा में जा रहे हैं परंतु सबसे पहले उन्होंने जिबूती को ही चुना ..
इसका क्या कारण है सबसे पहले हम समझने की कोशिश करेंगे…
जिबूती क्या है और कहां पर है..
जिबूती पूर्वी अफ्रीका में अदन की खाड़ी के पास एक छोटा सा देश है
जिसकी सीमाएं इरीट्रिया इथोपिया सोमाली से लगती है..
जिस के वर्तमान में प्रधानमंत्री अब्दुलकादिर कामिन मोहम्मद है..
भारत के राष्ट्रपति का जिबूती दौरा 45 वर्ष बाद हो रहा है इससे पहले वी वी गिरी 1972 में गए थे भारत का जिबूती के साथ द्विपक्षीय व्यापार 28.4 करोड़ डालर है..
1.. जिबूती में भारत के राष्ट्रपति के जाने का महत्वपूर्ण कारण उसकी अवस्थिति हैं वह सबसे व्यस्त व्यापारिक जलमार्ग के पास है जो अदन की खाड़ी से लगा हुआ है..
2..जिबूती में चीन ने हाल ही में एक नौसैनिक हवाई अड्डा स्थापित किया है आपको पता ही होगा कि चीन की पॉलिसी है वन रोड वन बेल्ट पॉलिसी इसके तहत वह अफ्रीकी यूरोपी एशियाई देशों में अपने व्यापार को बढ़ावा देना चाहता है साथ ही इस नीति में वह भारत को घेरने की कोशिश भी कर रहा है .. साथ ही चीन सैनिक हवाई अड्डा इसलिए स्थापित किया क्योंकि यहां पर अमेरिका फ्रांस जापान के सैनिक हवाई अड्डे पहले ही स्थापित हो चुके थे वह स्वयं को अमेरिका के प्रभुत्व के समक्ष प्रभावशाली राष्ट्र स्थापित करना चाहता है..
परंतु अमेरिका चीन की प्रतिस्पर्धा में भारत को भी चिंता है क्योंकि चीन पाकिस्तान का एक मित्र राष्ट्र है यदि भारत पाकिस्तान में कभी युद्ध की परिस्थितियां बनती है तो चीन संभवत पाकिस्तान की मदद कर सकता है
और जिबूती में चीन की सैनिक उपस्थिति युद्ध काल में भारत की व्यापारिक एवं सैन्य मदद को नुकसान पहुंचा सकता है .. इसी कारण भारत के राष्ट्रपति ने विश्व के अन्य देशों की उपेक्षा करते हुए जिबूती को चुना इसे जिबूती को भी खुशी होगी एवं भविष्य में भारत के साथ संबंध मधुर होंगे इससे यदि चीन भारत के खिलाफ कोई सैनिक कार्यवाही करता है तो जिबूती एक मित्र राष्ट्र होने के नाते भारत को सूचना देगा.
3 भारत मेक इन इंडिया के तहत जिबूती के रास्ते होते हुए अफ्रीकी देशों में अपने व्यापार को बढ़ाना चाहता हूं
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एक अन्य कारण यह भी है की सोमाली यमन में आए दिन हिंसा होती है यदि जिबूती से और अन्य अफ्रीकी देशों से अच्छे संबंध रहे तो वहां फंसे भारतीयों को बचाने में यह देश मदद करेंगे..

 

स्रोत anonymous

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