जापानी इंसेफेलाइटिस (J.E.) क्या है ??

“क्या है जे .ई .”-
जे .ई .य़ा ज़ापानी मस्तिस्क ज्वर एक घातक संक्रामक बीमारी है ,जो ‘FLAIVI’ वायरस के संक्रमण से होती है !शर्वप्रथम 1871 में इस बीमारी का ज़ापान में पता चला था इसलिये इसका नाम जैपनीज इंसेफेलाइटिस (जे .ई .) पडा ! सुअर और जंगली पच्छी दिमागी बुखार के खतरे को बढाते हैं !
वैसे इस बीमारी का वाहक ” क्यूलेक्स ” नामक मच्छर हैं !
नियंत्रण –
*मच्छरो के लार्वा का भछण करने वाली “गैंबुसिया एफिनिस ” प्रजाति की मछली को पानी एकत्रित होने वाले जलाशयो में छोड़ना चाहिये !
*FUNGUS (कवक ) की दो प्रजातियां ‘लेपटोलेज़िना कॅर्डेटा और एफनोमायिसीस लेविश का उपयोग मच्छरो के जैविक नियंत्रण के लिये किया जाना चाहिये ये दोनो परजीवी फंगश मच्छरो के लार्वा को नष्ट कर देते हैं !
*जलीय पौधो की प्रजातियां “पिस्टिया लैंसियोलेटा और साल्विनिया मोलेस्टा (जो क्यूलेक्स प्रजाति के मच्छरो के प्रजनन में सहायक होते हैं ) को बरसात के मौसम में नष्ट कर देना चाहिये जलाशयो से निकाल कर !
*जल में उगने वाली एजोला पिन्नेटा नामक वनस्पति मच्छरो के प्रजनन को रोकने में सहायक होती हैं यह शाकीय वनस्पति धान की फसल के लिये जैविक खाद का भी काम करती है ज़िसे धान के खेतो में ऊगाना चाहिये !
एक्यूट एंसेफिलायिटिस –
सिंड्ररोम तंत्रिका सम्बंधी रोगो का एक समुह है ज़िसके अनेक कारण हो स्कते हैं जैसे वायरस ,जीवाणु और परजीवी य़ा पैरासाईट आदि !
#पैनिक डिस्आर्डर एक ऐसा मनोरोग है ज़िससे ग्रस्त व्यक्ती स्वयं को अकारण भयग्रस्त महसूस करता है #

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