भारत में प्रमुख फसलें ,Main Crops in India

भारत में विविध प्रकार की फसलें विविध ऋतुओं में उत्पादित होती है। यहां मुख्यतया 3 फसली ऋतुएं मिलती हैं:
1. खरीफ
२. रबी
३. जायद

*खरीफ (Kharif)*

वर्षा ऋतु की फसलें खरीफ कहलाती हैं।
पौधा लगाने का समयः मई से जुलाई
फसल की कटाई का समयः सितम्बर से अक्टूबर
*प्रमुख खरीफ फसलें: ज्वार, बाजरा, धान, मक्का, मूंग, सोयाबीन, लोबिया, मूंगफली, कपास, जूट, गन्ना, तम्बाकू, आदि।*

*नोटः* खरीफ अर्थात् वर्षा ऋतु की फसलें दक्षिण-पश्चिमी मानसून के आगमन के समय बोयी जाती है और उनके लौटने के बाद काटी जाती है। जिस समय फसल बोयी जाती है, उस समय आर्द्रता अधिक होती है, जबकि कटाई के समय शुष्कता अधिक होती है।

*रबी (Rabi)*

शीत ऋतु की फसलें रबी कहलाती है।
पौधा लगाने का समयः अक्टूबर से दिसम्बर।
फसल की कटाई का समयः फरवरी से अप्रैल।
*प्रमुख रबी फसलें:* गेहूं, जौ, जई, मटर, चना, सरसों, बरसीम, आलू, मसूर, लुसर्न, आदि।

*नोट*ः रबी अर्थात् शीत ऋतु की फसलें उगाने के लिए विविधतापूर्ण जलवायु की आवश्यकता होती है। बीज के अंकुरण व प्रारंभिक वृद्धि के लिए ठण्डी जलवायु व अल्प प्रकाश की आवश्यकता होती है जबकि फसल पकने के लिए अधिक तापक्रम एवं दीर्घ प्रकाश की आवश्यकता होती है।

*जायद (Zaid)*
खरीफ और रबी की फसलों के बाद संपूर्ण वर्ष में कृत्रिम सिंचाई के माध्यम से कुछ क्षेत्रें में जायद की फसल उगाई जाती है।

 

नोटः जायद रबी के लिए अधिक तापक्रम तथा लंबे प्रकाशकाल की आवश्यकता होती है। इनमें सूखा सहन करने की क्षमता होती है।
व्यापारिक फसलें (Commercial Crops)
वे फसलें जिन्हें उगाने का मुख्य उद्देश्य व्यापार करके धन अर्जित करना होता है। जिसे किसान या तो संपूर्ण रूप से बेच देते हैं या फिर आंशिक रूप से उपयोग करते है तथा शेष बड़ा हिस्सा बेच देते हैं।

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