संविधान सभा , Samvidhan Sabha in Hindi (Essay)

संविधान सभा , Samvidhan Sabha in Hindi

संविधान सभा के सदस्य प्रान्तों की सूची(नवंबर, 1949 की स्थिति के अनुसार)

मद्रास,बम्बई,पश्चिम बंगाल,संयुक्त प्रांत,पूर्वी पंजाब,बिहार,मध्य प्रांत और बरार,असम,उड़ीसा,दिल्ली,अजमेर – मारवाड़,कूर्ग,मैसूर,जम्मू और ,कश्मीर,त्रावणकोर – कोचीन,मध्य भारत,सौराष्ट्र,राजस्थान,पटियाला एवं पूर्वी पंजाब रियासत संघ,बम्बई की रियासतें,उड़ीसा की रियासतें,मध्य ,प्रांत की रियासतें,संयुक्त प्रांत की रियासतें,मद्रास की रियासतें,विंध्य प्रदेश,कूचबिहार,त्रिपुरा और मणिपुर,भोपाल,कच्छ,हिमाचल प्रदेश

संविधान सभा के कुछ सदस्य

एम. अनंतशयनम अय्यंगार,एन. गोपालस्वामी अय्यंगार,डी. गोविंद दास,के. कामराज,टी.टी. कृष्णामाचारी,अलादि कृष्णास्वामी अय्यर,एन. संजीवा रेड्डी,बी.आर. अंबेडकर,के.एम. मुन्शी,जी.वी. मावलंकर,वल्लभभाई जे. पटेल,के.सी. नियोगी,फिरोज़ गांधी,गोविन्द बल्लभ पन्त,जवाहर लाल नेहरू,जे.बी. कृपलानी,पुरुषोत्तमदास टंडन,जॉन मथाई,श्रीमती सुचेता कृपलानी,अबुल कलाम आज़ाद,रफ़ी अहमद किदवई,सरदार हुकम सिंह,जगजीवन राम,सच्चिदानंद सिन्हा

संविधान सभा की पहली बैठक 9 दिसम्बर, 1946 को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन हॉल, जिसे अब संसद भवन के केंद्रीय कक्ष के नाम से जाना जाता है, में हुई। संविधान सभा ने स्वतंत्र भारत के लिए संविधान का प्रारुप तैयार करने के ऐतिहासिक कार्य को लगभग तीन वर्षों (दो वर्ष, ग्यारह माह और सत्रह दिन) में पूरा किया। इस अवधि के दौरान इसने ग्यारह सत्र (11)आयोजित किए जो कुल 165 दिनों तक चले।  संविधान सभा का संघटन केबिनेट मिशन के द्वारा अनुशंसित योजना के आधार पर हुआ था जिसमें सदस्यों को प्रांतीय विधान सभाओं के सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष चुनाव के द्वारा चुना गया था। व्यवस्था इस प्रकार थी –
(i) 292 सदस्य प्रांतीय विधान सभाओं के माध्यम से निर्वाचित हुए;
(ii) 93 सदस्यों ने भारतीय शाही रियासतों का प्रतिनिधित्व किया;
(iii) चार सदस्यों ने मुख्य आयुक्त प्रांतों का प्रतिनिधित्व किया।

 इस प्रकार सभा के कुल सदस्य 389 हुए।

3 जून, 1947 की माउन्टबेटेन योजना के परिणामस्वरूप विभाजन के पश्चात् पाकिस्तान के लिए एक पृथक संविधान सभा का गठन हुआ और कुछ प्रांतों के प्रतिनिधियों की संविधान सभा से सदस्यता समाप्त हो गई। जिसके फलस्वरूप सभा की सदस्य संख्या घटकर 299 हो गई। 13 दिसंबर, 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरु ने उद्देश्य संकल्प उपस्थित किया।29 अगस्त, 1947 को संविधान सभा ने भारत के संविधान का प्रारूप तैयार करने के लिए डॉ. बी. आर. अम्बेडकर की अध्यक्षता में प्रारुप समिति का गठन किया26 नवंबर, 1949 को भारत का संविधान अंगीकृत किया गया और 24 जनवरी, 1950 को सदस्यों ने उस पर अपने हस्ताक्षर किए। कुल 284 सदस्यों ने वास्तविक रूप में संविधान पर हस्ताक्षर किए। 26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान लागू हो गया।

संविधान सभा की महत्वपूर्ण समितियाँ और उनके अध्यक्ष

समिति का नाम  ,अध्यक्ष

  • प्रक्रिया विषयक नियमों संबंधी समिति,राजेन्द्र प्रसाद
  • संचालन समिति,राजेन्द्र प्रसाद
  • वित्त एवं स्टाफ समिति,राजेन्द्र प्रसाद
  • प्रत्यय-पत्र संबंधी समिति,अलादि कृष्णास्वामी अय्यर
  • कार्य संचालन संबंधी समिति,के.एम. मुन्शी
  • राष्ट्रीय ध्वज संबंधी तदर्थ समिति,राजेन्द्र प्रसाद
  • संविधान सभा के कार्यकरण संबंधी समिति,जी.वी. मावलंकर
  • राज्यों संबंधी समिति,जवाहरलाल नेहरू
  • मौलिक अधिकार, अल्पसंख्यकों एवं जनजातीय और अपवर्जित क्षेत्रों संबंधी सलाहकारी समिति,वल्लभभाई पटेल
  • मौलिक अधिकारों संबंधी उप-समिति,जे.बी. कृपलानी
  • संघीय शक्तियों संबंधी समिति,जवाहरलाल नेहरु
  • संघीय संविधान समिति,जवाहरलाल नेहरु
  • प्रारूप समिति,बी.आर. अम्बेडकर

 

  • भारत की संविधान सभा का चुनाव भारतीय संविधान की रचना के लिए किया गया था.
  • स्वतंत्र होने के बाद संविधान सभा के सदस्य ही प्रथम संसद के सदस्य बने.
  • कैबिनेट मिशन की संस्तुतियों के आधार पर भारतीय संविधान का निर्माण करने वाली संविधान सभा का गठन जुलाई, 1946 ई० में किया गया.
  • संविधान सभा के सदस्यों की कुल संख्या 389 निश्चित की गई थी, जिनमें 292 ब्रिटिश प्रांतों के प्रतिनिधि, 4 चीफ कमिश्नर क्षेत्रों के प्रतिनिधि एवं 93 देशी रियासतों के प्रतिनिधि थे.
  • मिशन योजना के अनुसार जुलाई, 1946 ई० में संविधान सभा का चुनाव हुआ. कुल 389 सदस्यों में से प्रांतों के लिए निर्धारित 296 सदस्यों के लिय चुनाव हुए. इसमें कांग्रेस को 208, मुस्लिम लीग को 73 स्थान एवं 15 अन्य दलों के तथा स्वतंत्र उम्‍मीदवार निर्वाचित हुए.
  • 9 दिसंबर, 1946 ई० को संविधान सभा की प्रथम बैठक नई दिल्ली स्थित काउंसिल चैम्बर के पुस्तकालय भवन में हुई. सभा के सबसे बुजुर्ग सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का अस्थायी अध्‍यक्ष चुना गया.
  • मुस्लिम लीग ने बैठक का बहिष्‍कार किया और पाकिस्तान के लिए बिलकुल अलग संविधान सभा की मांग प्रारम्भ कर दी.
  • हैदराबाद एक ऐसी रियासत थी, जिसके प्रतिनिधि संविधान सभा में सम्मिलित नहीं हुए थे.
  • 10 लाख की आबादी पर एक स्थान का आबंटन किया गया था. प्
  • संविधान सभा में संविधान का प्रथम वाचन 4 नवंबर से 9 नवंबर, 1948 ई. तक चला. संविधान पर दूसरा वाचन 15 नवंबर 1948 ई० को प्रारम्भ हुआ, जो 17 अक्टूबर, 1949 ई० तक चला. संविधान सभा में संविधान का तीसरा वाचन 14 नवंबर, 1949 ई० को प्रारम्भ हुआ जो 26 नवंबर 1949 ई० तक चला और संविधान सभा द्वारा संविधान को पारित कर दिया गया. इस समय संविधान सभा के 284 सदस्य उपस्थित थे.
  • संविधान निर्माण की प्रक्रिया में कुल 2 वर्ष, 11 महीना और 18 दिन लगे. इस कार्य पर लगभग 6.4 करोड़ रुपये खर्च हुए.
    (20) संविधान के प्रारूप पर कुल 114 दिन बहस हुई.
  • संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी, 1950 ई० को हुई और उसी दिन संविधान सभा के द्वारा डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भारत का प्रथम राष्ट्रपति चुना गया.
  • कैबिनेट मिशन के सदस्य सर स्टेफोर्ड क्रिप्स, लार्ड पेंथिक लारेंस तथा ए० बी० एलेक्ज़ेंडर थे.