39 सर्वाधिक पूछा जाने वाला संविधान के अनुच्छेद , संविधान के स्रोत

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39 सर्वाधिक पूछा जाने वाला संविधान के अनुच्छेद , संविधान के स्रोत

1949 में संविधान सभा ने जो संविधान पारित  था, उसमें 395 अनुच्छेद और 22 खंड हैं थे , पर  मौजूदा संविधान में 444 अनुच्छेद और 25 खंड है। लेकिन अनुच्छेद के क्रमांक 1 से 395 ही है | भारतीय संविधान के 395 अनुच्छेदों में से लगभग 250 अनुच्छेद 1935 ई० के अधिनियम से लिया गया है.

अन्य देशो से ली गयी सहायता

संयुक्त राज्य अमेरिका:
मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, संविधान की सर्वोच्चता, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निर्वाचित राष्ट्रपति एवं उस पर महाभियोग, उपराष्ट्रपति उच्चतम एवं उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों को हटाने की विधि एवं वित्तीय आपात.
ब्रिटेन:
संसदात्मक शासन-प्रणाली, एकल नागरिकता एवं विधि निर्माण प्रक्रिया.
आयरलैंड:
नीति निर्देशक सिद्धांत, राष्ट्रपति के निर्वाचक-मंडल की व्यवस्था, राष्ट्रपति द्वारा राज्य सभा में सदस्यों  का मनोनयन
ऑस्ट्रेलिया:
प्रस्तावना की भाषा, समवर्ती सूची का प्रावधान, केंद्र एवं राज्य के बीच संबंध तथा शक्तियों का विभाजन.
जर्मनी:
आपातकाल के प्रवर्तन के दौरान राष्ट्रपति को मौलिक अधिकार संबंधी शक्तियां.
कनाडा:
संघात्‍मक विशेषताएं अवशिष्‍ट शक्तियां केंद्र के पास.
दक्षिण अफ्रीका:
संविधान संशोधन की प्रक्रिया प्रावधान.
रूस:
मौलिक कर्तव्यों का प्रावधान.
जापान:
विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया.

39 सर्वाधिक पूछा जाने वाला संविधान के अनुच्छेद

1 अनुच्छेद 1 : संघ का नाम और राज्य क्षेत्र
2 अनुच्छेद 2 : संसद को नए राज्य स्थापित करने या उन्हें स्वीकार करने की अनुमति देता है;
3 अनुच्छेद 3 में नए राज्यों की संरचना, बदलाव या नामकरण की अनुमति दी गई है;
4 अनुच्छेद 5-11 में नागरिकता के अधिकार दिए गए हैं,
5 अनुच्छेद 12 – राज्य की परिभाषा
6 अनुच्छेद 14  समानता का अधिकारः
7 अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत;
8 अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत;
9 अनुच्छेद 21ए शिक्षा का अधिकारः 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार।
10 अनुच्छेद 23 शोषण के खिलाफ अधिकारः
11 अनुच्छेद 25 से 28  धर्म की स्वतंत्रता का अधिकारः
12 अनुच्छेद 32 इस भाग में प्रदत्त सक्तियों को प्रवर्तित का अधिकार
13 अनुच्छेद 36-50 में राज्य के नीति निदेशक तत्वों का उल्लेख किया गया है।
14 अनुच्छेद 52  भारत के राष्ट्रपति;
15 अनुच्छेद 54 राष्ट्रपति का चुनाव;
16 अनुच्छेद 61: राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग चलाने की प्रक्रिया;
17 अनुच्छेद 63: भारत के उपराष्ट्रपति;
18 अनुच्छेद 79: संसद का गठन;
19 अनुच्छेद 80: राज्यसभा की संरचना
20 अनुच्छेद 81: लोकसभा की संरचना
21 अनुच्छेद 109: धन विधेयक या मनी बिल्स को पारित करने की प्रक्रिया
22 अनुच्छेद 112: वार्षिक वित्तीय विवरण, इसे सालाना बजट ( बजट शब्द का प्रयोग संविधान में नहीं हुआ है )
23 अनुच्छेद 124: उच्चतम न्यायालय की स्थापना और गठन;
24 अनुच्छेद 152  राज्यपालों की नियुक्ति
25 अनुच्छेद 163: इसमें मंत्रि परिषद की राज्यपाल को सहयोग व सलाह देने की भूमिका का उल्लेख है
26 अनुच्छेद 239-242 : इस प्रावधान में केंद्रशासित प्रदेशों को शामिल किया गया है;
27 अनुच्छेद 243 ए-ओ : पंचायतों और ग्राम सभा की परिभाषा
28 अनुच्छेद 324-329 में चुनावों से जुड़ी कार्यप्रणाली को सविस्तार समझाया गया है।
29 अनुच्छेद 330-342 के दायरे में एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंख्यकों के लिए किए गए विशेष प्रावधान शामिल है।
30 अनुच्छेद 343-351 के दायरे में संघ और राज्यों की राजभाषा, उच्चतम और उच्च न्यायालय की भाषा और हिंदी भाषा के विकास के बारे में बात की गई है। ( हिंदी को राष्ट्र भाषा का उल्लेख नहीं है )
31 अनुच्छेद 352 आपातकाल की उद्घोषणा।
32 अनुच्छेद 356: राष्ट्रपति शासन ।
33 अनुच्छेद 360: वित्तीय आपातकाल (आज तक उपयोग में नहीं हुआ है)
34 अनुच्छेद 368 संविधान में संशोधन
35 अनुच्छेद 369 के तहत संसद को राज्य सूची के विषयों के संबंध में कानून बनाने की शक्ति
36 अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा
37 अनुच्छेद 393. संक्षिप्त नाम–इस संविधान का संक्षिप्त नाम भारत का संविधान है।
38 अनुच्छेद 394. प्रारंभ–यह अनुच्छेद और अनुच्छेद 5, 6, 7, 8, 9, 60, 324, 366, 367, 379, 380, 388, 391, 392 और 393 तुरंत प्रवृत्त होंगे
39 अनुच्छेद 395. निरसन ( डिलीट)