भारत की प्रमुख नदियाँ , Important Rivers in India

IndianRiver

भारत की प्रमुख नदियाँ

 

नदी का नाम

स्रोत

मुहाना

विशेषता

गंगा  गंगा का उद्गम गंगोत्री के पास गोमुख हिमानी है. बंगाल की खाड़ी भारत में गंगा की लंबाई 2525 किलोमीटर है.| गंगा असल में अलकनंदा और भागीरथी का सम्मिलित नाम है.
सतलुज  सतलुज मानसरोवर झील के पास स्थित राकस ताल से उत्पन्न होती है. चेनाब नदी कुल 1500 किलोमीटर, भारत में 1050 किलोमीटर.| शिवालिक पर्वत श्रृंखला से गुजरती हुई पंजाब में प्रवेश करती है और चेनाब में मिल जाती है.
सिंधु या इंडस  तिब्बत में मानसरोवर झील के पास सानोख्याबाब हिमनद से उत्पन्न होती हैं सिंधु नदी. अरब सागर कुल लंबाई 2, 880 किलोमीटर, भारत में 1114 किलोमीटर.| सिंधु की सहायक नदियां सतलुज, चेनाब, रावी, व्यास और झेलम है.
रावी  कांगड़ा जिले के रोहतांग दर्रे के पास से उत्पन्न होती है. चेनाब इसकी कुल लंबाई 725 किलोमीटर है. | रावी का पौराणिक तथा वैदिक नाम परुषनी या इरावती भी है. पाकिस्तान के पंजाब में प्रवेश करने से पहले रावी पाकिस्तानी सीमा के साथसाथ करीब 80 किलोमीटर तक बहती है.
व्यास  रोहतांग दर्रे के पास स्थित व्यास कुंड उत्पन्न होती है.  समुंद्र तल से 4,330 मीटर की उंचाई पर है. सतलुज इसकी कुल लंबाई 470 किलोमीटर है.| व्यास कुल्लू घाटी से बहती हुई धौलाधार पर्वत को पार कर पंजाब के मैदान में पहुंचती है.व्‍यास नदी का पौराणिक नाम अर्जिकिया या विपाशा है. देश में व्यास नदी जल विवाद काफी पुराना है. यह पंजाब और हरियाणा के बीच व्यास नदियों के अतरिक्त पानी के बंटवारे को लेकर है. मुकदमे सालों से अदालतों में हैं.
झेलम कश्मीर के बेरीनाग के पास शेषनाग झील से झेलम उत्पन्न होती है. चेनाब इसकी कुल लंबाई 724 किलोमीटर है. भारत में 400 किलोमीटर.| श्रीनगर में झेलम में शिकारे चलाए जाते हैं.
यमुना  यमुना, बंदरपूंछ के पश्चिमी ढाल पर स्थित यमुनोत्री हिमानी से उत्पन्न होती है. यमुना की उंचाई समुंद्र तल से 6,316 मीटर है. प्रयाग अलाहाबाद में गंगा इसकी कुल लंबाई 1,375 किलोमीटर है. | इसकी सहायक नदियां हैं चम्बल, बेतवा, केन, हिंडन, शारदा.  गंगा की सबसे महत्वपूर्ण उपनदी यमुना है. यमुना नदी 800 किलोमीटर तक गंगा के सामानांतर यानी पैरेलल चलती है.
चंबल  मध्य प्रदेश में मऊ के पास स्थित जाना पाव पहाड़ी से उत्पन्न होती है.  इसकी उंचाई समुंद्र तल से 616 मीटर है. उत्तर प्रदेश के इटावा से 38 किलोमीटर दूर यमुना नदी. इसकी कुल लंबाई 1,050 किलोमीटर है. | देश के सबसे गहरे खड्डों का निर्माण करती है. इसकी सहायक नदियां हैं काली, सिंध, पार्वती, सिप्ता और बनास.
रामगंगा नैनीताल के पास मुख्य हिमालय श्रेणी का दक्षिणी भाग. कन्नौज के पास गंगा नदी. इसकी कुल लंबाई 696 किलोमीटर है. | खोन इसकी प्रमुख सहायक नदी है.
शारदा या काली गंगा कुमाऊं हिमालय का मिलाम हिमनद बहरामघाट के पास घाघरा नदी. इसकी कुल लंबाई 602 किलोमीटर है. | इसकी सहक नदियां हैं सर्मा, लिसार, सरयू या पूर्वी रामगंगा और चौकिया.
घाघरा नेपाल में तकलाकोट से 37 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में म्पसातुंग हिमानी. सारण और बलिया जिले की सीमा पर गंगा नदी. इसकी कुल लंबाई 1080 किलोमीटर है.| शिवालिक को पार करते समय शीशपानी नाम का 108 मीटर गहरे खड्ड का निर्माण.
गण्डक नेपाल पटना के पास गंगा नदी भारत में कुल लंबाई 425 किलोमीटर है.| नेपाल में शालीमार और मैदानी भाग में नारायणी नाम से जानी जाती है.इसकी सहायक नदियां काली गण्डक और त्रिशूली गंगा है. इस नदी में मिलने वाले गोल गोल पत्थरों को शालिग्राम कहा जाता है.
कोसी गोसाईथान छोटी के उत्तर में करागोल के दक्षिण-पश्चिम में गंगा नदी इसकी कुल लंबाई 730 किलोमीटर है.| इसकी मुख्य धारा अरुण नदी है.  इसकी सहायक नदियां हैं यारु, सूनकोसी, तामूर कोसी, लीखू, दूधकोसी, भोटकोसी.
सोन अमरकंटक की पहाड़ियां पटना के पास गंगा नदी इसकी कुल लंबाई 780 किलोमीटर है.| इसका उद्गम नर्मदा के पास से होता है.
भ्रमपुत्र  तिब्बत में मानसरोवर झील से 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हिमानी. इसकी ऊंचाई समुंद्र तल से 5,150 मीटर है. बंगाल की खाड़ी इसकी कुल लंबाई 2,900 किलोमीटर है. भारत में 916 किलोमीटर.| इसे तिब्बत में सांपू और असम में दिहांग भी कहा जाता है. इसकी सहायक नदियां हैं डिबोंग लोहित, सेसरी, नोवा, दिहांग, धनसीरो, तिस्ता, जिंजराम आदि.
नर्मदा-  विंध्याचल पर्वत श्रेणियों में स्थित अमरकंटक नाम के स्थान से. समुंद्र तल से इसकी उंचाई 1,057 मीटर है. खम्भात की खाड़ी इसकी कुल लंबाई 1,312  किलोमीटर है.| जबलपुर में भेड़ाघाट कम्पास कपिलधारा जलप्रपात का निर्माण ,  यह डेल्टा के बजाय एश्चुअरी बनाती है.
ताप्ति मध्य प्रदेश के वैतूल जिले से सूरत के पास खम्भात की खाड़ी इसकी कुल लंबाई 724 किलोमीटर है.| इसकी सहायक नदी पूरणा नदी है. यह डेल्टा के बजाय एश्चुअरी बनाती है.
महानदी छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में सिहावा के पास बंगाल की खाड़ी इसकी कुल लंबाई 815 किलोमीटर है. | इसकी सहायक नदियां है ब्राह्मणी और वैतरणी.
शिप्रा मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की ककरी बरडी नमक पहाड़ी. चंबल नदी इसकी कुल लंबाई 560 किलोमीटर है. | इसके किनारे उज्जैन का विख्यात महाकालेश्वर मंदिर है जहां हर 12 साल बाद कुंभ मेला लगता है.
माही मध्य प्रदेश के धार जिले की महद झील खम्भात की खाड़ी इसकी कुल लंबाई 585 किलोमीटर है.| इस नदी पर बजाज सागर बांध बनाया गया है.
लूनी अजमेर जिले में स्थित नाग पहाड़ कच्छ की रन इसकी कुल लंबाई 320 किलोमीटर है.| यह एक नमकीन नदी है, यह नदी थार मरुस्थल में लुप्त हो जाती हैं.
सोम उदैपुर जिले में बीछा मेंडा पर बपेश्वर के पास माही नदी -|जोखम, गोमती और सारनी इसकी सहायक नदियां हैं.
साबरमती उदैपुर जिले में अरावली पर्वत पर स्थित जयसमुद्र झील – खम्‍भात की खाड़ी इसकी कुल लंबाई 371 किलोमीटर है.| इसे बेडच नदी भी कहा जाता है. इसकी उंचाई समुद्र तल से 1337 मीटर है , तुंगभद्र, मूसी, अमरावती, भीमा, कोयना, पंचगंगा, आदि इसकी प्रमुख सहायक नदियां हैं.
कृष्णा महाबलेश्वर के पास पश्चिम घाट पहाड़
गोदावरी महाराष्ट्र के नासिक जिले की एक पहाड़ी बंगाल की खाड़ी
कावेरी कर्नाटक के कुर्ग जिले में स्थित ब्रह्म गिरी पहाड़ी बंगाल की खाड़ी
तुंगभद्रा कर्नाटक के पश्चिम घाट पहाड़ की गंगामूल चोटी से तुंगा और पास में ही काडूर से भद्रा नदी का उद्गम कृष्णा नदी
पेन्नार कर्नाटक की नंदीदुर्ग पहाड़ी बंगाल की खाड़ी
दक्षिणी टोंस कैमूर पहाड़ियों में स्थित तम्साकुंड जलाशय सिरसा के पास गंगा नदी
पेरियार पेरियार झील
उमियम मेघालय की उमियम झील बंगाल की खाड़ी
हुगली यह गंगा की एक शाखा है जो पश्चिम बंगाल के धुलिया की दक्षिण गंगा से अलग होती है बंगाल की खाड़ी
बैगाई तमिलनाडु के पास मदुरै से बंगाल की खाड़ी

नदी घाटी परियोजनाएँ

नदियों की घाटियो पर बडे-बडे बाँध बनाकर ऊर्जा, सिंचाई, पर्यटन स्थलों की सुविधाएं प्राप्त की जातीं हैं। इसीलिए इन्हें बहूद्देशीय परियोजना कहते हैं। सबसे पहले संयुक्त राज्य, अमरीका, की टैनेसी घाटी योजना संसार में पहली बड़ी योजना थी।टेनेसी घाटी की योजना का सूत्रपात १९३३ ई. में ‘टेनेसी घाटी ऑथॉरिटी ऐक्ट’ द्वारा हुआ।

भारत मे प्रमुख नदी घाटी परियोजनाएं

  •     भाखड़ा नांगल परियोजना
  •     व्यास परियोजना
  •     दामोदर घाटी परियोजना
  •     हीराकुण्ड परियोजना
  •     चम्बल परोयोजना
  •     तुंगभद्रा परियोजना
  •     नागार्जुन सागर परियोजना
  •     गण्डक परियोजना
  •     फरक्का परियोजना
  •     काकरापारा परियोजना
  •     माही परियोजना
  •     महानदी डेल्टा परियोजना
  •     कुण्डा परियोजना
  •     दुर्गापुर परोयोजना
  •     रामगंगा बहूद्देशीय परियोजना
  •     नर्मदा घाटी परियोजना
  •     जाखम परियोजना
  •     टिहरी पन बिजली परियोजना