आर्थिक सर्वेक्षण 2016-17

आर्थिक सर्वेक्षण 2016-17 

-वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान स्थिर बाजार मूल्यों पर जीडीपी वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान।
-नोटबंदी के असर से उभरकर भारतीय अर्थव्यवस्था फिर से तेज रफ्तार पकड़कर वर्ष 2017-18 में 6.75 प्रतिशत से लेकर 7.5 प्रतिशत के स्तर तक आ जाएगी।
-अप्रत्यक्ष करों के संग्रह में अप्रैल-नवंबर 2016 के दौरान 26.9 प्रतिशत की बढ़ौतरी।
-वेतन वृद्धि के कारण अप्रैल-नवंबर 2016 के दौरान राजस्व व्यय में हुई तेज वृद्धि।
-खुदरा महंगाई दर लगातार तीसरे वित्त वर्ष के दौरान नियंत्रण में रही।
-खुदरा महंगाई दर वर्ष 2014-15 के 5.9 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2015-16 में 4.9 प्रतिशत के स्तर पर आ गई।
-थोक महंगाई दर वित्त वर्ष 2014-15 के 2.0 प्रतिशत से घटकर वित्त वर्ष 2015-16 में ऋणात्मक 2.5 प्रतिशत रह गई और यह अप्रैल-दिसंबर 2016 में औसतन 2.9 प्रतिशत रही।
-वित्त वर्ष 2016-17 में निर्यात 0.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 198.8 अरब अमेरिकी डॉलर पर।
-वित्तवर्ष 2016-17 में आयात 7.4 प्रतिशत घटकर 275.4 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर पर।
-वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान व्यापार घाटा कम होकर 76.5 अरब डॉलर पर।
-वित्त वर्ष 2016-17 की प्रथम छमाही में चालू खाता घाटा (सीएडी) कम होकर जीडीपी के 0.3 प्रतिशत पर।
-वित्त वर्ष 2016-17 की प्रथम छमाही में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 15.5 अरब डॉलर की वृद्धि।
-सितंबर 2016 के आखिर में भारत पर विदेशी कर्ज का बोझ घटकर 484.3 अरब डालर रह गया।
-कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर वित्त वर्ष 2016-17 में 4.1 प्रतिशत रहने का अुनमान।
-वित्त वर्ष 2016-17 में औद्योगिक क्षेत्र की वृद्धि दर के कम होकर 5.2 प्रतिशत के स्तर पर आएगी, जो पिछले वित्त वर्ष में 7.4 प्रतिशत पर थी।
-कॉरपोरेट क्षेत्र के प्रदर्शन में वित्त वर्ष 2016-17 की दूसरी तिमाही के दौरान कुल बिक्री में 1.9 प्रतिशत की वृद्धि।
-वित्त वर्ष 2016-17 में सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर 8.9 प्रतिशत रहने का अनुमान।